पनीर में मिलावट के खिलाफ बड़ा अभियान, उप्र की 25 विनिर्माण इकाइयों पर हुई कार्रवाई
लखनऊ, 14 अगस्त(हि.स.)। प्रदेश में दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों, विशेष रूप से पनीर की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़े स्तर पर विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेश स्तरीय 24 विशेष प्रवर्तन टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने गाजियाबाद, मथुरा और सहारनपुर की प्रमुख दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थ निर्माण इकाइयों का आकस्मिक निरीक्षण किया।
अभियान के दौरान कुल 25 विनिर्माण इकाइयों पर कार्रवाई की गई, जबकि तीन इकाइयां नॉन-ऑपरेशनल पाई गईं। कार्रवाई के दौरान पनीर निर्माण में औद्योगिक प्रयोगार्थ रसायनों तथा रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के प्रयोग के साथ अस्वास्थ्यकर एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों के निर्माण के मामले सामने आए।
विशेष प्रवर्तन अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने कुल 72 खाद्य नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को आवश्यक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित इकाइयों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान मानक के विपरीत परिस्थितियों में निर्मित पाई गई बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया। विभाग के अनुसार कुल 7,686 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है।
इसके अलावा 2,131 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रक जब्त किए गए। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य करीब 4.75 लाख रुपये है। इस प्रकार अभियान में कुल 9,817 किलोग्राम खाद्य सामग्री एवं अपमिश्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
पनीर में औद्योगिक रसायन और खाद्य तेल के इस्तेमाल पर सख्ती
विभाग ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने पनीर निर्माण की प्रक्रिया, इस्तेमाल किए जा रहे कच्चे माल और निर्माण स्थलों की स्वच्छता की जांच की। कार्रवाई में ऐसे मामले सामने आए, जिनमें पनीर के निर्माण में औद्योगिक प्रयोगार्थ रसायनों तथा पामोलिन ऑयल/रिफाइंड वेजिटेबल ऑयल के इस्तेमाल की बात सामने आई। खाद्य पदार्थों के निर्माण में अस्वच्छ एवं अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की और संदिग्ध सामग्री को जब्त अथवा नष्ट कराया।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय