उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद के भूमि अधिग्रहण के खिलाफ व्यापारियों-काश्तकारों ने खोला मोर्चा

 


-डीएम को ज्ञापन सौंप काश्तकारों ने की अहमदगंज-चकला राजरानी को अधिग्रहण से मुक्त रखने की मांग

-बांदा-चित्रकूट के पूर्व सांसद आर के सिंह पटेल ने भी किया व्यापारियों-काश्तकारों की मांगों का समर्थन

चित्रकूट, 16 जुलाई (हि.स.)। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद द्वारा प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का स्थानीय व्यापारियों और भूमिधरों ने विरोध किया है। उन्होंने जिलाधिकारी पुलकित गर्ग को ज्ञापन सौंपकर अहमदगंज, चकला राजरानी,रानीपुर भट्ट के आसपास की व्यावसायिक भूमि को अधिग्रहण से बाहर रखने की मांग की है। वहीं बांदा-चित्रकूट के पूर्व सांसद आर के सिंह पटेल ने भी व्यापारियों और काश्तकारों के समर्थन में मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आवास विकास परिषद को बाईपास के पास भूमि उपलब्ध कराये जाने का अनुरोध किया है।

आवास विकास परिषद के भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे राजू बनारसी,महेश प्रसाद जायसवाल,प्रकाश मिश्रा,नत्थू प्रसाद, डीके सैनी,अर्पित अग्रवाल,सौरभ अग्रवाल,अजय सोनी,चंद्रकांत,अमर सिंह,आषाराम,गुरूप्रसाद सिंह,राजकुमार सैैनी,अवधेष कुमार,अभय मिश्रा,दीपक द्विवेदी,अजय मिश्रा,लखपत सिंह,सुनील कुमार द्विवेदी,संगम लाल सिंह,द्वारिका प्रसाद,हरवंष प्रसाद,कमलेश सिंह आदि सैकड़ों व्यापारियों और काश्तकारों ने कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच कर भूमि अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी पुलकित गर्ग को ज्ञापन सौंपा। व्यापारी अर्पित अग्रवाल और प्रकाश मिश्रा ने बताया कि कहा कि जिस भूमि को आवास विकास परिषद अधिग्रहित करने का प्रस्ताव कर रहा है, वह मौजा अहमदगंज और चकला राजरानी में स्थित है। यह न तो बंजर है और न ही कृषि योग्य भूमि है। यह क्षेत्र पूरी तरह से व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में बहुमंजिला भवन, पर्यटकों के लिए होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप, विद्यालय और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। व्यापारियों का तर्क है कि इस भूमि के अधिग्रहण से भविष्य में जिले में बड़े निवेश और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं हो पाएगी।

व्यापारी राजू बनारसी,प्रकाश मिश्रा व महेश प्रसाद जायसवाल ने यह भी कहा कि चित्रकूट तेजी से पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यदि मुख्य मार्ग से लगी व्यावसायिक भूमि को आवासीय योजना में शामिल किया गया, तो नए उद्योग, होटल और अन्य निवेश प्रभावित होंगे। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सीमित हो जाएंगे। डीएम को सौंपे गये ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख है कि 8 जुलाई 2026 को चित्रकूट दौरे पर आये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कलेक्ट्रेट सभागार में प्रबुद्धजन बैठक में यह मामला उनके समक्ष उठाया गया था। व्यापारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को व्यावसायिक भूमि के स्थान पर अन्यत्र गैर-व्यावसायिक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे और अधिग्रहण न करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद, आवास विकास परिषद की ओर से दोबारा नोटिस मिलने से व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। व्यापारियों और भूमिधरों ने जिलाधिकारी से मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए अहमदगंज और चकलाराजरानी की व्यावसायिक भूमि को अधिग्रहण से मुक्त रखने तथा परिषद के लिए अन्य उपयुक्त भूमि चयनित कराने की मांग की है। वहीं इस मामले में बांदा-चित्रकूट के पूर्व सांसद आर के सिंह पटेल ने व्यापारियों एवं काश्तकारों की मांगों को समर्थन करते हुए शासन-प्रशासन से अहमदगंज व चकला राजरानी के आसपास भूमि अधिग्रहण करने की बजाय चित्रकूट में बन रहे बाईपास के समीप उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद को भूमि उपलब्ध कराई जाये।जिससे जिले में नया क्षेत्र विकसित हो सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रतन पटेल