भव्य सबद संकीर्तन समागम में उमड़ा सिख समाज
मुरादाबाद, 2 दिसम्बर (हि.स.)। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब तथा उनके साथ शहीद हुए भाई मति दास, भाई सती दास और भाई दयाला जी की 350वीं शहीदी शताब्दी पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की ओर से मंगलवार शाम को पारकर इंटर कॉलेज मैदान में भव्य सबद संकीर्तन समागम आयोजित किया गया। सबद संकीर्तन समागम में मुरादाबाद महानगर के सभी गुरूद्वारों के पदाधिकारी व सभी सिख संगत मौजूद रही। इसका आरंभ गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा से जुलूस के रूप में श्री ग्रंथ साहिब को लाकर किया गया। इस दौरान नगर जो बोले जो निहाल, सत श्री अकाल के जयकारों से गूंज उठा। मंगलवार को सेवक ग्रंथ लेकर चल रहे साहिब के रास्ते में मेटी बिछाते रहे। उस पर झाडू लगाते हुए जल छिड़कते रहे।
गंथ साहिब को भव्य सजे दरबार में विराजमान किया गया। इसके बाद रहरास साहिब का पाठ किया गया गया। इसके बाद विशेष रूप से आस्ट्रेलिया से आए रागी जत्थे ज्ञानी गुरुदेव सिंह, भाई जगजीत सिंह बवीहा दिल्ली वाले, पाटियाला से आए भाई जसकरन सिंह, हजूरी रागी जत्थे तथा सरबजीत सिंह धुंधा, ओमकार सिंह कथा वाचक ने वैरागमयी शबद कीर्तन एवं कथा कर संगत को निहाल किया। इन रागी जत्थों एवं कथा वाचकों ने बताया श्री गुरु तेगबहादुर साहिब ने कश्मीरी पंडितों का अनुरोध स्वीकार कर हिंदू धर्म की रक्षा के लिए 11 नवंबर 1675 को अपना बलिदान दिया। इसी कारण गुरु तेग बहादुर साहिब को श्हिंद की चादरश् के नाम से भी जाना जाता है।
इस दाैरान श्री गुरु सिंह सभा के चेयरमैन गुरुजीत सिंह चढ्डा, अध्यक्ष जसप्रीत सिंह खुराना, तेजेंद्र सिंह, अमर जीत सिंह, गुरप्रीत सिंह दुआ, जीतसिंह, हर सेवक सिंह, सतवीर सिंह, स्वर्ण सिंह, चरनजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह संधु, जगमीत सिंह, गुरुमीत सिंह, राजेंद्र सिंह, हरप्रीत सिंह, गुरु बख्श सिंह काका सहित प्रबंधक कमेटी के सभी सदस्यों का सहयोग रहा।
समागम शुरू होने के साथ ही गुरु का अटूट लंगर भी आरंभ :गुरु का अटूट लंगर कीर्तन समागम के पंडाल के पीछे ही एक बड़ा अन्य पंडाल भी था। इसमें समागम शुरू होने के साथ ही गुरु का अटूट लंगर भी आरंभ कर दिया गया। जिससे भीड़ भी नहीं हुई और जिन लोगों को लंगर छक के बाद कीर्तन में बैठना था, उन्हें भी सुविधा रही। लंगर भी देर रात तक चलता रहा। इसमें व्यवस्था में गुरुद्वारा नानक दरबार कटघर के प्रवेश सिंह एवं नारायण सिंह आदि का सहयोग रहा। अन्य स्टॉल श्रद्धालुओं को ठंड से राहत दिलवाने के लिए लगातार काफी और चाय के स्टॉल चले गए। लोगों ने चाय और काफी पीकर ठंड से राहत महसूस की। उधर जोड़ा घर पर भी पादुका सेवा के लिए लोग उमड़े रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्टॉलों पर कई-कई कई सदस्य तैनात रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल