'भारत बौद्धिक्स 2.0' राष्ट्रीय परीक्षा, पंजीकरण की अंतिम तिथि 05 नवंबर तक बढ़ी : उच्च शिक्षा मंत्री

 


अब तक 01 लाख 60 हजार से अधिक युवाओं ने कराया रजिस्ट्रेशन, देश में नया कीर्तिमान स्थापित करने का लक्ष्य

लखनऊ, 03 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने मंगलवार को अपने लखनऊ स्थित आवास से आयोजित उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक में भारतीय ज्ञान परंपरा (आईकेएस) पर आधारित अखिल भारतीय 'भारत बौद्धिक्स 2.0 नेशनल एग्जामिनेशन-2026' के सुचारू, शुचितापूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने बताया कि पंजीकरण की अंतिम तिथि को विस्तारित कर 05 नवंबर 2026 की गई है। उन्होंने प्रदेश के समस्त राज्य, निजी एवं केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, कुलसचिवों, परीक्षा नियंत्रकों, प्राचार्यों एवं क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शेष बचे दिनों में युद्धस्तर पर अभियान चलाकर अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को पंजीकरण के लिए प्रेरित करें, ताकि उत्तर प्रदेश इस राष्ट्रीय ज्ञान प्रतियोगिता में सहभागिता का एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित कर सके। भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित इस ज्ञान प्रतियोगिता का उद्देश्य जहां अपने गौरवशाली अतीत को आने वाली नस्लों तक पहुँचाना है, वहीं प्रतिभावान छात्रों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित करना है।

वर्चुअल समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि अब तक प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से 1 लाख 60 हजार से अधिक विद्यार्थी अपना पंजीकरण करा चुके हैं, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के अंतर्गत लाखों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, ऐसे में इस ज्ञान अभियान का दायरा प्रत्येक युवा तक पहुंचाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सभी कुलपतियों और प्राचार्यों से सीधा आह्वान किया कि वे प्राध्यापकों और नोडल अधिकारियों की सक्रिय टीमें बनाकर सीधे कक्षाओं तक पहुंचें और छात्र-छात्राओं को इसमें सम्मिलित होने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के अनुरूप यह राष्ट्रीय परीक्षा केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आज की युवा पीढ़ी (जेन-जी) को भारत के गौरवशाली अतीत, समृद्ध दर्शन, विज्ञान, कला और बौद्धिक विरासत से जोड़कर आत्मनिर्भर व विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करने का पावन राष्ट्रीय अनुष्ठान है।

परीक्षा के सफल, निष्पक्ष एवं पारदर्शी संचालन हेतु उच्च शिक्षा मंत्री ने समस्त विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को 'विश्वविद्यालय स्तरीय नोडल अधिकारी' तथा परीक्षा नियंत्रकों को 'विश्वविद्यालय स्तरीय परीक्षा नियंत्रक' नामित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा नियंत्रकों को परीक्षा प्रणाली का व्यापक और व्यवहारिक अनुभव होता है, इसलिए प्रश्नपत्रों की पूर्ण गोपनीयता बनाए रखने, परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्रों के सुरक्षित संग्रहण, केंद्रों तक समयबद्ध वितरण, परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन की निगरानी तथा उत्तर पुस्तिकाओं के संकलन और मूल्यांकन की समग्र व्यवस्था वे स्वयं सुनिश्चित करेंगे। स्थानीय स्तर पर आवश्यकतानुसार जिला प्रशासन से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा।

परीक्षा से संबंधित दिशा निर्देश और पाठ्यक्रम आधिकारिक पोर्टल bharatboudhiks.com पर उपलब्ध है। आगामी 21 नवंबर 2026 को प्रातः 10:00 से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित होने वाली इस 02 घंटे की ऑफलाइन परीक्षा में कला, विज्ञान, वाणिज्य और सामाजिक विज्ञान विषयों के स्नातक व स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। परीक्षा के उपरांत त्रि-स्तरीय पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी को 01 लाख रुपये, द्वितीय स्थान पर रहने वाले 02 अभ्यर्थियों को 50-50 हजार रुपये, तृतीय स्थान पर चयनित 04 अभ्यर्थियों को 25-25 हजार रुपये तथा 300 विद्यार्थियों को 2,500-2,500 रुपये के सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा