फर्रुखाबाद: भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सोमवंशी साथियों समेत गिरफ्तार

 


फर्रुखाबाद, 03 जून (हि.स.)। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) अखंड प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह सोमवंशी व उनके साथी कार्यकर्ताओं को प्रशासन से पंगा लेना काफी महंगा पड़ गया। पुलिस ने नरेंद्र सिंह सोमवंशी को गिरफ्तार कर उनके साथियों सहित बुधवार को जेल भेज दिया है। जिले के इतिहास में किसान नेताओं के खिलाफ इतनी बड़ी पहली बार कार्रवाई हुई है।

मालूम हो कि मनीराम शाक्य संयुक्त खण्ड विकास अधिकारी कायमगंज ने 29 मई को नरेंद्र सोमवंशी व उनके सात आठ अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध थाना कंपिल में मुअसं 96/26 धारा 197(1)/299/308(6)/ 351 (3) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसकी विवेचना कोतवाली कायमगंज प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला को सौंप गई। मुकदमे में आरोप लगाया गया कि आरोपित ने ग्राम सुल्तनापुर पलनापुर स्थित गौशाला में गायों का झूठा वीडियो बनाकर मृत गाय दिखाते हुए उसका प्रचार-प्रसार किया तथा अवैध धनराशि की मांग की। नरेंद्र सोमवंशी बीते 10 दिन साचियों के साथ कायमगंज तहसील पहुंचे थे। वहां उन्होंने दर्ज मुकदमे को झूठा बताकर वापस लेने की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन किया था। उन्होंने कायमगंज के एसडीएम को हटाकर उनकी संपत्ति की जांच किए जाने की भी बात की थी।

इस मामले में पुलिस ने देर शाम आंदोलन करने वाले प्रमुख लोगों की शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया और उनके वाहनों को भी कब्जे में ले लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में अधिकांश लोगों की एसडीएम की अदालत से जमानत हो गई। जिनकी जमानत नहीं हो पाई उनको कोतवाली में रखा गया। इसी दौरान पुलिस ने थाना कादरीगेट के पांचाल घाट मसेनी रोड निवासी नरेंद्र सोमवंशी को थाना कपिल में दर्ज मुकदमे में गिरफ्तार कर लिया।

कोतवाली कायमगंज के प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला ने कपिल थाने में दर्ज मुकदमे में नरेंद्र सोमवंशी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि तहसील कायमगंज परिसर में प्रदर्शन करने वाले 28 किसानों को गिरफ्तार किया गया। जिनमें 18 लोगों को अदालत से जमानत गई। शेष 10 लोगों को जेल भेजा गया है।

अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश चंद्र ने को बताया कि 29 मई को थाना कंपिल क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सुल्तनापुर पलनापुर स्थित गौशाला में लेटी हुई गायों की वीडियो बनाकर तथा गायों को मृत अवस्था में बताकर एक व्यक्ति द्वारा वीडियो वायरल किया गया था।

वायरल वीडियों की जांच एवं गौपालों से पूछताछ के दौरान पैसों की उगाही के तथ्य प्रकाश में आये तथा गौशाला में सभी गौवंश सकुशल पाये गये। जिसके सम्बन्ध में थाना कंपिल पर अभियोग पंजीकृत किया गया है। 03 जून को अभियोग में नामित आरोपितों द्वारा अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए लोगों को इकट्ठा कर तहसील कायमगंज परिसर में नारेबाजी करने एवं साक्ष्य के आधार पर आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। तहसील परिसर में उग्र प्रदर्शन कर प्रशासन पर दबाव बनाने वाले 30 लोगों पर भी कार्रवाई की गई है।

गिरफ्तारी का नहीं था अनुमान

किसान नेता समझ रहे थे कि उनके दबाव में प्रशासन झुक जाएगा और आंदोलन न करने के लिए मनायेगा, किसानों की कतई उम्मीद नहीं थी कि उनको गिरफ्तार किया जा सकता है। पुलिस की कड़ी कार्रवाई को देखकर अब बड़बोले किसान नेता में भी भय व्याप्त हो गया है जो सरे आम किसानों को गुमराह कर प्रशासनिक अधिकारियों की धमकाते रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar