श्री राधे-राधे बाबूजी के प्रवचनों से मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
हाथरस, 30 मई (हि.स.)। सादाबाद क्षेत्र के मुरसान मार्ग स्थित प्रगति पुरम क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठवें दिन शनिवार काे श्रद्धालुओं ने भक्ति और आध्यात्मिक रस का अनुभव किया। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री डॉ. देवचंद गौड़ और डॉ. अनीता गौड़ के संयोजन में यह कथा चल रही है। अंतर्राष्ट्रीय भागवत आचार्य संत श्री राधे-राधे बाबूजी ने अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा के दौरान भागवत आचार्य ने गोपी गीत, महारास लीला, कंस उद्धार और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और गोपियों का प्रेम सांसारिक नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। गोपी गीत का वर्णन करते हुए आचार्य ने कहा कि जब भक्त अपने आराध्य के वियोग में तड़पता है, तभी उसके हृदय में सच्ची भक्ति का उदय होता है। गोपियों की कृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति प्रत्येक साधक के लिए एक आदर्श है।
महारास लीला के प्रसंग में उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण प्रत्येक भक्त के हृदय में विराजमान हैं और भक्त की भावना के अनुरूप उन्हें दर्शन देते हैं। कंस उद्धार के माध्यम से अहंकार और अत्याचार के निश्चित अंत तथा धर्म की सदैव विजय का संदेश दिया गया। रुक्मिणी विवाह की कथा सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
इस अवसर पर क्षेत्र के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने कथा व्यासपीठ पर पहुंचकर संत श्री राधे-राधे बाबूजी का स्वागत और अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक ज्ञान का भंडार है। पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने यह भी कहा कि कथा का श्रवण करना परमात्मा से साक्षात्कार करने के समान है और इसके संदेशों को जीवन में अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को सफल बना सकता है। कार्यक्रम में सपा नेता रानू सिसोदिया और भाजपा नेता धर्मेंद्र गौतम सहित अनेक गणमान्य लोगों ने भी भागवत आचार्य का स्वागत किया। कथा स्थल पर प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना