भदोही के कालीन उद्योग की गूंज दुनिया में, हुनरमंद हाथों में नई तकनीक जरूरी: सीएम योगी

 


कालीन उद्योग को ग्लोबल मार्केट से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता 2017 के बाद बदली यूपी की तस्वीर, अब सुरक्षा भी है, तकनीक भी और बाजार भीभदोही, 04 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही स्थित कारपेट एक्सपो मार्ट में आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के गोल्डन जुबली समारोह का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने 1340 करोड़ रुपये की 112 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। निर्यातकों से संवाद किया और विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर भदोही के कालीन उद्योग, कारीगरों और निर्यात की संभावनाओं को करीब से देखा। इस इस दौरान उन्होंने नन्हे मुन्ने बच्चों को गोद लिया और उन्हें चॉकलेट दिया।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले भदोही और पूर्वांचल के हुनर को देश-दुनिया के सामने रखा। उन्होंने कहा कि संत रविदासनगर भदोही , मिर्जापुर और वाराणसी के हुनरमंदों के बनाए उत्पादों के एक-एक धागे में उनकी कल्पना, हुनर और इस माटी का गौरव दिखाई देता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस हाथ में सदियों से कालीन बुनी जाती रही है, अब उसी हाथ में नई तकनीक और नई सोच होनी चाहिए। कालीन उद्योग के लिए नई डिजाइन, नए बाजार और आधुनिक तकनीक की जरूरत है। सरकार स्थानीय उत्पादन को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए काम कर रही है।भदोही की कालीन ने संसद भवन तक बढ़ाया जिले का गौरवमुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही के हुनरमंद हाथों से तैयार कालीन दुनिया के प्रतिष्ठित स्थानों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने नए संसद भवन में लगी कालीन का जिक्र करते हुए कहा कि यह इसी क्षेत्र के हुनरमंद हाथों की कला का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भदोही के पास जीआई पहचान, कारपेट एक्सपो मार्ट और सीईपीसी जैसे संस्थागत सहयोग के साथ एक मजबूत इको सिस्टम मौजूद है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से संवाद और बढ़ता निर्यात नेटवर्क कालीन उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद कर रहा है।भदोही में 2500 एमएसएमई यूनिट, 10 हजार करोड़ का कारोबारमुख्यमंत्री के अनुसार भदोही में करीब 2500 एमएसएमई इकाइयां (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम)हैं, जिनका वार्षिक कारोबार लगभग 10 हजार करोड़ रुपये है और करीब 5 लाख लोग इस क्षेत्र से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भारत से होने वाले कालीन निर्यात में भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत है। भदोही का लगभग 90 प्रतिशत कालीन निर्यात अमेरिका, जर्मनी और कनाडा जैसे बाजारों में किया जाता है। मुख्यमंत्री ने भदोही के हस्तनिर्मित कालीन को जीआई टैग मिलने को भी जिले के लिए गौरव की बात बताया।नोएडा एयरपोर्ट से दुनिया तक पहुंचेगा भदोही का कारपेटमुख्यमंत्री ने कनेक्टिविटी को कालीन उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आने वाले समय में विंध्य एक्सप्रेसवे के विस्तार से संतरविदास नगर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट के कार्गो नेटवर्क का इस्तेमाल कर भदोही के कालीन को दुनिया के किसी भी देश तक पहुंचाने की क्षमता और मजबूत होगी। वाराणसी में भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जल्द कार्गो सुविधा उपलब्ध होने की बात मुख्यमंत्री ने कही।उन्होंने वाराणसी में देश के पहले इनलैंड वाटर-वे और गंगा एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी उद्योग और निर्यात को नई गति देगी।2017 से पहले यूपी में सुविधा नहीं, आज बाजार और सुरक्षा दोनों: योगीमुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले और वर्तमान उत्तर प्रदेश की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में उपद्रव, गुंडागर्दी, माफियागिरी, अराजकता, कर्फ्यू और दंगों का माहौल था। उद्योगों को न पर्याप्त बाजार मिल रहा था, न तकनीक और न ही सरकारी सहयोग। उन्होंने कहा कि उस समय कारीगरों को बिजली, सड़क और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था। ऐसे माहौल में बुनकरों और निर्माताओं के सामने पलायन के अलावा दूसरा रास्ता नहीं बचता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में सुरक्षा भी है, तकनीक भी है, डिजाइन भी है और बाजार भी है। इसी बदलाव के कारण निवेश का माहौल तैयार हुआ है।

यूपी में 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव: सीएममुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल नहीं था, जबकि आज प्रदेश के पास करीब 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं रहा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में तेजी से आगे बढ़ने वाला राज्य है। प्रदेश को देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य राजस्व सरप्लस की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।यूपी में 17 हजार से बढ़कर 35 हजार कारखानेमुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में प्रदेश में करीब 17 हजार कारखाने थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर करीब 35 हजार हो गई है। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में बनने वाले मोबाइल फोन में करीब 55 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से कारोबारियों को सुविधाएं देने का काम किया जा रहा है।कारीगर अब पलायन नहीं, अपनी माटी में दिखा रहा हुनरमुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में ऐसा माहौल बनाया गया है कि कारीगर को अपने हुनर के लिए अपनी माटी छोड़कर पलायन नहीं करना पड़ रहा है। भदोही की कला रोजगार पैदा कर रही है, युवाओं को अवसर दे रही है और क्षेत्र की पारंपरिक पहचान को दुनिया तक पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि कालीन उद्योग में बड़ी संख्या में महिलाएं भी काम कर रही हैं, जिससे यह उद्योग रोजगार के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से निर्यात को फायदा पहुंचाने की कोशिशमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा किए जा रहे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का लाभ निर्यातकों और कालीन उद्योग को दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उद्देश्य यही है कि भदोही का स्थानीय उत्पादन दुनिया के बड़े बाजारों तक और बेहतर तरीके से पहुंचे। उन्होंने कारपेट एक्सपो के गोल्डन जुबली वर्ष का उल्लेख करते हुए संबंधित संस्थाओं और सीईपीसी से भी उद्योग को और मजबूत करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडिया कारपेट एक्सपो, एक्सपो और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड के बेहतर समन्वय से कालीन उद्योग को और बड़ा मंच मिल सकता है।

लखनऊ-हरदोई के बीच में टेक्सटाइल पार्कमुख्यमंत्री ने प्रदेश में टेक्सटाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ और हरदोई के बीच टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के टेक्सटाइल और हस्तशिल्प क्षेत्र को नई संभावनाएं मिलेंगी

हिन्दुस्थान समाचार / प्रभुनाथ शुक्ल