एमएसएमई योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता : भूपेंद्र चौधरी
कानपुर, 22 मई (हि.स.)। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रदेश के आर्थिक विकास की रीढ़ हैं और सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जाए तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर विकसित किए जाएं। यह बातें शुक्रवार को प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहीं।
आज उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, कानपुर में मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक की शुरुआत आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के. विजयेंद्र पांडियन ने स्वागत भाषण और विभागीय योजनाओं की प्रस्तुति के साथ की।
बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, ओडीओपी मार्जिन मनी योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना सहित विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की समीक्षा की गई। इसके अलावा फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, ओडीओपी सामान्य सुविधा केंद्र और प्लेज योजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंकिंग स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए और सभी योजनाओं के शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि अधिकतम रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता है और लघु उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए।
बैठक में उत्तर प्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन नीति-2022 की उपलब्धियों, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों और बजटीय प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही प्रस्तावित “सरदार वल्लभभाई पटेल औद्योगिक एवं एम्प्लायमेंट जोन” तथा “एक जनपद एक व्यंजन” योजना की प्रगति की जानकारी भी साझा की गई।
इस अवसर पर सदस्य विधान परिषद संतोष सिंह सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप