‘दाढ़ी-टोपी रूठ जाती, इसलिए रामलला के दर्शन नहीं किए’, अखिलेश के अयोध्या दौरे पर ओम प्रकाश राजभर का तंज

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तीखा हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश यादव के अयोध्या पहुंचने के बावजूद रामलला के दर्शन नहीं करने, धार्मिक आस्था और राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठाए हैं।
 

  • ‘कारसेवकों की चीखें नहीं गूंजीं क्या?’, अयोध्या पहुंचे अखिलेश से राजभर का सवाल
  • ‘अभी भी समय है, पश्चाताप कर लीजिए’, अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर ओम प्रकाश राजभर का तीखा हमला
  • ‘आस्था है तो राजनीतिक समीकरण के बंधक मत बनिए’, रामलला के दर्शन नहीं करने पर अखिलेश को राजभर की नसीहत
  • ‘इफ्तार वाली मुस्कान दिखी तो मौलाना नाराज हो जाएंगे’, प्रसाद ग्रहण करते अखिलेश की तस्वीर पर राजभर का तंज
  • ‘आज नहीं तो कल राम-हनुमान के दर पर माफी मांगेंगे’, अखिलेश यादव पर ओम प्रकाश राजभर का निशाना
  • ‘बीच में रहकर ना 80 के रहेंगे, ना 20 के’, अखिलेश यादव की आस्था पर ओम प्रकाश राजभर का तंज
  • ‘प्रसाद के लिए नहीं, वोट की भूख मिटाने बैठे हैं’, अखिलेश की तस्वीर पर ओपी राजभर का तीखा हमला

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे को लेकर सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए तीखा हमला बोला है। राजभर ने अखिलेश यादव के अयोध्या पहुंचने के बावजूद रामलला के दर्शन नहीं करने, धार्मिक आस्था और राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल उठाए हैं।

‘हो आए अयोध्या? दर्शन करने नहीं गए ना?’

ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट की शुरुआत अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए की। उन्होंने लिखा, 'अखिलेश जी, हो आए अयोध्या? दर्शन करने नहीं गए ना? जाते भी कैसे, दाढ़ी-टोपी रूठ जो जाती।'

राजभर ने अयोध्या की सड़कों पर अखिलेश यादव के पहुंचने का जिक्र करते हुए कारसेवकों पर गोली चलने की घटना को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने लिखा, 'अयोध्या की सड़कों पर जब आप पहुंचे तो क्या आपके कानों में कारसेवकों की चीखें नहीं गूंजी? उन्हीं कारसेवकों की चीखें जिनपर आपके पिता जी ने गोली चलवाई थी?' राजभर ने आगे लिखा, 'याद तो आई होगी? अंदर अंदर आप मुस्कुराए भी होंगे?'

‘अभी भी समय है, पश्चाताप कर लीजिए’

राजभर ने अखिलेश यादव को पश्चाताप करने की सलाह देते हुए लिखा, 'अभी भी समय है, पश्चाताप कर लीजिए। पाप खत्म तो नहीं होंगे, शायद ईश्वर माफ कर दे। प्रभु श्री राम बड़े दयालु हैं।'

‘ना 80 के रहेंगे, ना 20 के’

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की आस्था को समीकरणों से जोड़ते हुए लिखा, 'अगर आस्था है तो राजनीतिक समीकरण का बंधक मत बनिए। अगर आस्था नहीं है तो खुलकर कहिए कि मैं नास्तिक हूं। बीच में रहकर ना 80 के रहेंगे, ना 20 के।'

‘वोट की भूख मिटाने बैठे हैं’

राजभर ने अखिलेश यादव की प्रसाद ग्रहण करते हुए तस्वीर का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि जो अखिलेश यादव इफ्तारी में टोपी लगाकर चहकते हुए दिखाई देते हैं, वही अखिलेश यादव भोजन प्रसाद लेते हुए असहज बैठे हैं।

उन्होंने तस्वीर पर तंज कसते हुए लिखा, 'ये तस्वीर देखकर लग रहा है कि भोजन प्रसाद के लिए नहीं बल्कि वोट की भूख मिटाने बैठे हैं।' राजभर ने आगे लिखा, 'ऐसा लगता है जैसे इफ़्तार वाली मुस्कान दिख गई तो मौलाना नाराज़ हो जायेंगे।'

‘राम-हनुमान के दर पर शीश नवाकर माफी मांगेंगे’

पोस्ट के आखिर में ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव से राम और हनुमान के मंदिर में जाकर माफी मांगने की उम्मीद जताई। उन्होंने लिखा, 'उम्मीद है आपकी अंतरात्मा जागेगी और आज नहीं तो कल, आप प्रभु श्री राम के और प्रभु श्री हनुमान के दर पर शीश नवाकर माफ़ी ज़रूर मांगेंगे।'