बालवाटिका नवारंभ उत्सव से प्रारंभिक शिक्षा को मिलेगा नया आयाम
रेत पर लेखन व खेल आधारित गतिविधियों से बच्चों के सीखने की होगी सहज शुरुआत
नामांकन अभियान के माध्यम से 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को जोड़ा जाएगा शिक्षा से
लखनऊ, 24 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह के निर्देशन में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से मंगलवार को प्रदेश के समस्त बालवाटिका युक्त विद्यालयों में ‘बालवाटिका नवारंभ उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस पहल के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ करते हुए बच्चों के शैक्षिक जीवन की सहज एवं प्रेरक शुरुआत सुनिश्चित की जा रही है। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा लखनऊ में सरोजनीनगर के ग्राम रामचौरा स्थित प्राथमिक विद्यालय से की गई।
नवारंभ उत्सव के दौरान 3 से 4 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को रेत पर लेखन, खेल आधारित गतिविधियों और रोचक शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से अनौपचारिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा। साथ ही 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के नामांकन को बढ़ावा देने तथा 6 वर्ष पूर्ण कर चुके बच्चों के कक्षा 1 में प्रवेश को सरल एवं आकर्षक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि बालवाटिका नवारंभ उत्सव के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत बनाते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सुदृढ़ नींव रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता सुधार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने कहा कि खेल आधारित शिक्षण पद्धति से बच्चों के समग्र विकास, जिज्ञासा और सीखने की क्षमता को प्रारंभिक स्तर से ही सशक्त किया जा रहा है। ‘सेल्फ लर्निंग’ और ‘एक्टिव लर्निंग’ के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ावा मिलेगा।
इस आयोजन में अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे बाल शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार हो सके। यह पहल विद्यालय, अभिभावक और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए बच्चों के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा