रागिनी के सपनों को मिली उड़ान, अलख पांडेय ने की 10 लाख रुपये की मदद

 


बलिया, 03 सितंबर (हि.स.)। बलिया के मनियर ब्लॉक के रानीपुर गांव की सात वर्षीय दिव्यांग छात्रा रागिनी के पढ़ने और आगे बढ़ने के जज्बे ने लोगों को भावुक कर दिया है। सोशल मीडिया पर रागिनी की मदद की गुहार सामने आने के बाद अब उसके सपनों को पंख देने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों के लोग आगे आ रहे हैं। मशहूर शिक्षक और फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडेय ने रागिनी के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी है।

रानीपुर गांव निवासी रागिनी सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक की छात्रा है। जब वह महज सात माह की थी, तभी एक दुर्घटना में उसका एक पैर निष्क्रिय हो गया। इसके चलते उसे चलने-फिरने में काफी परेशानी होती है। इसके बावजूद रागिनी के हौसले में कोई कमी नहीं आई। पढ़ाई के प्रति उसके जुनून का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह घर से करीब 400 मीटर दूर स्थित विद्यालय तक एक पैर के सहारे पहुंचती रही है।

पिछले दिनों सोशल मीडिया पर रागिनी की भावुक अपील सामने आने के बाद प्रशासन का भी ध्यान उसकी ओर गया।

बुधवार को जिलाधिकारी एमपी सिंह ने रागिनी को ट्राई साइकिल प्रदान की। इससे उसकी स्कूल आने-जाने की राह कुछ आसान हुई।

वहीं, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी रागिनी के परिजनों से बात कर उसे कृत्रिम अंग लगवाने में मदद का भरोसा दिया है। इसके बाद फिजिक्स वाला की टीम ने रागिनी की मां बबिता कुमारी से संपर्क किया। शिक्षक अलख पांडेय की ओर से रागिनी के परिवार के खाते में ऑनलाइन 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भेजी गई।

फिजिक्स वाला के स्थानीय एकेडमिक हेड संतोष चटराज ने गुरुवार को बताया कि अलख पांडेय की ओर से दी गई आर्थिक मदद से रागिनी की मां काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि रागिनी के पढ़ाई के प्रति जज्बे को देखते हुए यह मदद उसके भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी