पूर्व मंत्री नारद राय ने विनोद राय के परिजनाें को न्याय दिलाने का लिया संकल्प

 


बलिया, 11 अगस्त (हि.स.)। नौ वर्ष पहले नरही थाना गोलीकांड में मारे गए भाजपा कार्यकर्ता विनोद राय की शहादत को लेकर फेफना विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व मंत्री नारद राय ने स्व. विनोद राय के शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को ऐलान किया कि वे उनके परिजनों को न्याय दिलाने के लिए जरूरत पड़ी तो मुख्यमन्त्री के यहां भी जाएंगे।

शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर नरही, नारायणपुर, लक्ष्मणपुर और सुहांव क्षेत्र से बड़ी संख्या में ग्रामीण और समर्थक पूर्व मंत्री नारद राय के आवास पर पहुंचे और विनोद राय को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नारद राय ने कहा कि जब विनोद राय की हत्या की घटना हुई थी, उस समय वह प्रदेश सरकार में मंत्री थे और उन्होंने अपने सामाजिक व राजनीतिक दायित्व का निर्वहन किया था।

नारद राय ने कहा कि विनोद राय की कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने पीड़ित परिवार की मदद की थी और विनोद राय की पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने में भूमिका निभाई थी। साथ ही उसी आंगन से उन्होंने हत्यारों को सजा दिलाने का संकल्प लिया था।

नारद राय ने कहा कि समय बीतता गया और सरकारें बदलती रहीं, लेकिन पीड़ित परिवार को अब तक वह न्याय नहीं मिल सका, जिसकी उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया, ग्रामीणों और विशेष रूप से मुकदमा दर्ज कराने वाले विनोद राय के भतीजे गोपाल राय की ओर से सामने आई बातों ने उन्हें फिर इस मामले में सक्रिय होने के लिए प्रेरित किया है।

उन्होंने ऐलान किया कि वह स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर सिंह, सांसद नीरज शेखर, पूर्व सांसदों और भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। उनका कहना था कि दोषियों को सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए शासन के स्तर पर मजबूती से आवाज उठाई जाएगी। नारद राय ने कहा कि वह जल्द से जल्द दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में प्रयास करेंगे, लेकिन न्याय की लड़ाई तभी मजबूती से आगे बढ़ेगी जब विनोद राय का परिवार स्वयं इस लड़ाई में उनके साथ खड़ा होगा।

नरही से पहुंचे सैकड़ों समर्थकों के बीच नारद राय ने कहा कि जनता की भावना और आदेश पर वह एक बार फिर पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। यदि परिवार की सहमति मिली तो इस मामले को शासन के सर्वोच्च स्तर तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा।

गौरतलब है कि 12-13 अगस्त 2016 की रात नरही थाना परिसर के सामने पुलिस कार्रवाई और गोलीबारी के दौरान भाजपा कार्यकर्ता विनोद राय की मौत हुई थी। स्थानीय विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। इसी घटना में गोली लगने से विनोद राय की मौत हो गई थी। हर वर्ष 12 अगस्त को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

इस बार शहादत दिवस से पहले ही जिस तरह से राजनीतिक नेताओं की सक्रियता बढ़ी है, उसने फेफना की सियासत में इस मुद्दे को एक बार फिर प्रमुख बना दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि विनोद राय के परिवार को न्याय दिलाने की यह पहल आने वाले दिनों में किस राजनीतिक दिशा की ओर बढ़ती है।

हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी