जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के दीक्षान्त समारोह में 44 मेधावियों को स्वर्ण पदक मिला

 


बलिया, 29 जुलाई (हि.स.)। बलिया के जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय का अष्टम् दीक्षान्त समारोह बुधवार को संपन्न हुआ। जिसमें 44 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक दिया गया।

समारोह की अध्यक्षता कर रहीं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में शिक्षा को केवल सूचना का संग्रह नहीं माना गया है। शिक्षा का उद्देश्य व्यक्ति के व्यक्तित्व का समग्र विकास करना है। शिक्षा मनुष्य में संवेदनशीलता, आत्मानुशासन, नैतिकता, सेवा भाव, सहिष्णुता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करती है।

उन्हाेंने कहा कि जब विश्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है तब भारतीय शिक्षा दर्शन की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे केवल रोजगार प्राप्त करने तक ही अपनी आकांक्षाओं को सीमित न रखें बल्कि रोजगार सृजन करने वाले उद्यमी बनें। बेटियों के अधिक मात्रा में स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर उन्हें बधाई दी। उन्हाेंने कहा कि आज हमारी बेटियांँ शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन, रक्षा, चिकित्सा, खेल, साहित्य, न्यायपालिका और उद्यमिता सहित प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। राष्ट्र की प्रगति महिलाओं की सहभागिता पर निर्भर करती है।

मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूर्व निदेशक पद्मश्री डॉ. अशोक कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को दीक्षोपदेश प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आज का युग ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का युग है। किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके प्राकृतिक संसाधनों के साथ ही उसके शिक्षित, कुशल और नवाचारी युवाओं में निहित होती है। आज आवश्यकता केवल प्रयोगशालाओं में शोध करने की नहीं है, बल्कि शोध को खेत तक पहुँचाने की है। विश्वविद्यालयों, वैज्ञानिक संस्थानों, उद्योगों और किसानों के बीच सशक्त साझेदारी स्थापित करना समय की आवश्यकता है।

न्ळाेंने उकहा कि आज का युवा नयी तकनीकों एआई, ड्रोन, जैव प्रौद्योगिकी, डिजिटल कृषि आदि के माध्यम से कृषि और ग्रामीण विकास को नयी दिशा देने के लिए उत्साहित है। जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय के अष्टम् दीक्षान्त समारोह में अपनी कक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक वितरित किये गये। एमएससी रसायन विज्ञान की छात्रा नन्दिनी वर्मा को पूरे विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए कुलाधिपति स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वालों विद्यार्थियों में कुल 35 छात्राएं एवं नौ छात्र हैं।

कुलपति प्रो. नरेन्द्र कुमार शुक्ल ने स्वागत किया। इसके पहले कार्यक्रम के आरंभ में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, निवर्तमान कुलपति प्रो. संजीत कुमार गुप्ता, वित्त अधिकारी आनंद दुबे, कुलसचिव एसएल पाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरिता पाण्डेय ने किया।

प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को किट वितरित

इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को शैक्षणिक किट वितरित किये गये। इस किट में स्कूल बैग, कॉपी, पेन्सिल, पेन्सिल बॉक्स, इरेजर, पुस्तकें, बिस्किट, टॉफी आदि वस्तुएँ थीं। इसके अतिरिक्त फलों की टोकरी भी दी गयी। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को भी 200 किट वितरित किये गये, जिनमें 100 किट विश्वविद्यालय प्रशासन और 100 किट जिला प्रशासन द्वारा वितरित किया गया। इस किट में बच्चों के लिए कुर्सी, मेज, ट्राई साइकिल, वर्णमाला और गिनती की पहेलियाँ, फल, सब्जी और जानवरों के चार्ट आदि वस्तुएँ सम्मिलित थीं।

हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी