बलिया : 'फाइनेंशियल और फ़ूड लिटरेसी' पर कार्यशाला आयोजित, वक्ताओं ने खाद्य साक्षरता को बताया आज की सबसे बड़ी जरूरत
बलिया के सनबीम स्कूल में 'फाइनेंशियल और फ़ूड लिटरेसी' पर कार्यशाला आयोजित
बलिया, 04 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बलिया में स्थित सनबीम स्कूल में शनिवार को शिक्षकों के लिए 'फाइनेंशियल और फ़ूड लिटरेसी' यानी वित्तीय एवं खाद्य साक्षरता विषय पर एक प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। गुड स्कूल्स एलायंस के तत्वावधान में आयोजित इस सत्र का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को जागरूक बनाना और समाज में स्वस्थ एवं सुरक्षित खाद्य आदतों को बढ़ावा देना था।
मुख्य अतिथि सनबीम ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस की डायरेक्टर अमृता बर्मन व सनबीम स्कूल की क्वालिटी कंट्रोल टीम के एडिशनल डायरेक्टर पीवी पॉल ने शिक्षा की गुणवत्ता और व्यावहारिक साक्षरता के महत्व पर बल दिया। इसके पहले कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन तथा विद्यार्थियों की नृत्य प्रस्तुति से हुई।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कॉमर्स विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं डीन आशाराम त्रिपाठी ने वित्तीय साक्षरता पर तथा भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण की असिस्टेंट डायरेक्टर प्रीति ने सुरक्षित भोजन की आदतों और खाद्य पदार्थों की पहचान करने के बारे में प्रशिक्षित किया।
सत्र के दौरान एफएसएसएआई की गाइडलाइंस के हवाले से बताया गया कि खाद्य साक्षरता आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। ताकि भोजन के पैकेट पर लिखे न्यूट्रिशन लेबल को सही तरीके से समझा जा सके। मिलावटी और असुरक्षित भोजन की पहचान की जा सके। सोशल मीडिया पर भोजन को लेकर फैलाई जाने वाली भ्रामक खबरों व अफवाहों से बचा जा सके। छात्र-छात्राओं और परिवारों में स्वस्थ खान-पान की आदतें विकसित की जा सकें।
इस वृहद प्रशिक्षण सत्र में मेजबान सनबीम स्कूल के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के 16 अन्य प्रमुख स्कूलों के शिक्षक और शिक्षिकाओं ने सहभागिता की। इस दौरान सनबीम ग्रुप के स्कूल लहरतारा, भगवानपुर, इंद्रानगर, वरुणा, इंटरनेशनल वरुणा, सनसिटी, सारनाथ, मुगलसराय और अन्नपूर्णा मऊ, देवरिया और गाजीपुर आदि शिक्षण संस्थानों के शिक्षक तथा बलिया व अन्य क्षेत्रों के शेमुषी, जवाहर नवोदय विद्यालय, सेठ एमआर जयपुरिया मऊ के शिक्षक इस कार्यशाला के हिस्सा बने।
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हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी