चंडीगढ़ विवि ने 50 करोड़ की स्कॉलरशिप का किया ऐलान
बलिया, 22 अप्रैल (हि.स.)।डिजिटल क्रांति के इस दौर में एआई और आधुनिक शिक्षा का महत्व अभूतपूर्व रूप से बढ़ गया है। आने वाले समय में स्किल आधारित शिक्षा ही उन्हें नए करियर अवसरों से सीधे जोड़ेगी। यह बातें चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश के प्रो वाइस चांसलर डॉ. टीपी सिंह ने बलिया में बुधवार को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पोर्टल लॉन्च कार्यक्रम के दौरान व्यक्त किए।
टीपी सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश ने अपनी स्थापना से पूर्व ही देश-विदेश की 23 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों, जैसे गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और आईबीएम के साथ एमओयू किए हैं।
इसके अतिरिक्त, यूनिवर्सिटी ने सौ से अधिक कॉर्पोरेट कंपनियों के सहयोग से कॉर्पोरेट एडवाइजरी बोर्ड का गठन किया है, जो शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच सेतु स्थापित कर छात्रों के समग्र विकास और बेहतर प्लेसमेंट अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में कार्यरत है। इस अवसर पर बलिया में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने अपने स्कॉलरशिप व एडमिशन पोर्टल ‘सीयूसीईटी 2026’ की आधिकारिक शुरुआत करते हुए छात्र-छात्राओं को 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिप देने की घोषणा की।
इस मौके पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के प्रो वाइस चांसलर डॉ. थिपेंद्र पी सिंह ने बताया कि सीयूसीईटी 2026 स्कॉलरशिप योजना ने अपने पहले ही शैक्षणिक सत्र में प्रभावशाली परिणाम दिए हैं। योजना के तहत अब तक दो से अधिक छात्रों को करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान की जा चुकी है। कहा कि सीयू यूपी का दीर्घकालिक लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एआई आधारित शिक्षा, शोध और तकनीकी इनोवेशन का वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करना है। डॉ थिपेंद्र पी सिंह ने कहा कि ‘कैम्पस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ जैसी पहलें स्टार्टअप्स और युवा इनोवेटर्स को सीड फंडिंग, इनक्यूबेशन और पेटेंट फाइलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं।
डॉ. थिपेंद्र पी सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश का एआई-एनहैंस्ड स्मार्ट कैंपस लगभग ढाई हजार करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है, जो क्वालिटी एजुकेशन के साथ एडवांस्ड रिसर्च को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। इस एकेडमिक इकोसिस्टम के तहत यूनिवर्सिटी ने 22 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएचडी प्रोग्राम शुरू किए हैं, जो एग्रीकल्चर, डेटा एनालिटिक्स, क्वांटम रिसर्च और साइबर सिक्योरिटी जैसे इमर्जिंग क्षेत्रों में रिसर्च को नई गति देंगे।
उन्होंने कहा कि एआई-एमएल रिसर्च सेंटर और माइक्रोसॉफ्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस प्रदान कर रही हैं। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अनुरूप एडवांस्ड क्रेडिट सिस्टम और स्किल-बेस्ड प्रोग्राम भी लागू किए गए हैं, ताकि छात्र करियर की शुरुआत से ही ग्लोबल लेवल पर कॉम्पिटिटिव बन सकें। उन्होंने जानकारी दी कि एकेडमिक सेशन 2026–27 के लिए यूनिवर्सिटी ने कुल 68 एआई-एनहैंस्ड और इंडस्ट्री-अलाइनड प्रोग्राम लॉन्च किए हैं, जिनमें 40 अंडरग्रेजुएट, 16 पोस्टग्रेजुएट और 12 लेटरल एंट्री प्रोग्राम शामिल हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उद्घाटन के बाद चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ने देश की पहली प्राइवेट एआई-बेस्ड मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी के रूप में अपनी पहचान बनाई है। माइक्रोसॉफ्ट एआई बूटकैंप, 60 से अधिक फ्री हाई-डिमांड एडवांस्ड क्रेडिट प्रोग्राम्स और 100 से ज्यादा कंपनियों वाला कॉरपोरेट एडवाइजरी बोर्ड यूनिवर्सिटी के इनोवेशन और प्लेसमेंट इकोसिस्टम को लगातार मजबूत कर रहा है। करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप, जिनमें सीवी रमन स्कॉलरशिप भी शामिल है, मेधावी छात्रों को प्रेरित कर रही हैं, जबकि नए पीएचडी प्रोग्राम राज्य में रिसर्च कल्चर को नई दिशा दे रहे हैं।
भारत सरकार द्वारा आयोजित एआई समिट के दौरान सीयू यूपी ने एआई समिट के आधिकारिक प्रीइवेंट के दौरान ‘क्वांटम फॉर भारत’ मिशन लॉन्च किया, जिसका उद्देश्य भारत को एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी में ग्लोबल लीडर बनाना है। इसके साथ ही भारत का पहला एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन भी आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से डेढ़ हजार टीमें और पांच हजार से अधिक युवा प्रतिभागीयों ने सौ से ज्यादा हेल्थकेयर प्रॉब्लम स्टेटमेंट्स पर एआई-आधारित समाधान विकसित किए। डॉ थिपेंद्र पी सिंह ने सीयूसीईटी 2026 पोर्टल लॉन्च करते हुए बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में प्रवेश कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट के माध्यम से किया जाता है। इच्छुक अभ्यर्थी https://cucet.cuchd.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या टोल-फ्री नंबर 18002701411 पर संपर्क कर सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी