बलिया के 26 स्कूलों में बिजली कनेक्शन न होने पर डीएम ने कई बीईओ का रोका वेतन

 


बलिया, 30 जुलाई (हि.स.)। बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग के कायाकल्प अभियान के 19 बिंदुओं की समीक्षा करते हुए लापरवाही पर कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने कई विकास खंडों में विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन नहीं होने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के 26 विद्यालयों में अब तक विद्युत कनेक्शन नहीं कराया गया है। इनमें सर्वाधिक छह विद्यालय सीयर, चार बेरुआरबारी, तीन-तीन नगरा, बांसडीह और रसड़ा विकासखंड के हैं। इस पर संबंधित बीईओ का वेतन रोकने का आदेश दिया गया।

उन्होंने चेतावनी दी कि अगली समीक्षा बैठक तक सभी विद्यालयों में बिजली कनेक्शन हर हाल में हो जाना चाहिए, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। किचन शेड निर्माण की समीक्षा में भी लापरवाही सामने आई। सीयर के आठ, हनुमानगंज के छह, दुबहड़ के चार तथा सोहांव के चार विद्यालयों में निर्माण कार्य अधूरा मिलने पर संबंधित बीडीओ एवं बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया।

सीडब्ल्यूएसएन (दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं) के निर्माण में गड़वार के 38, सीयर के 35, बैरिया के 29, मुरलीछपरा के 27 तथा पंदह के 22 विद्यालयों में कार्य लंबित पाए जाने पर संबंधित बीईओ और बीडीओ का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। बैठक में बाउंड्रीवाल निर्माण की धीमी प्रगति पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। मनियर, गड़वार, सीयर, दुबहड़ और नगरा विकासखंड के विद्यालयों में कार्य अधूरा मिलने पर अधिकारियों को तत्काल निर्माण पूरा कराने की चेतावनी दी गई। वहीं टाइलिंग ऑन क्लासरूम फ्लोर के कार्य में नवानगर, सीयर, मनियर, बैरिया और बांसडीह में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों का निरीक्षण कर चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। बरसात और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में मेडिकल चेकअप, निशुल्क दवा वितरण, पेयजल की गुणवत्ता जांच, पानी की टंकियों की सफाई तथा ब्लीचिंग पाउडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित विद्यालयों में विशेष मेडिकल टीम तैनात की जाए और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए।

डीएम ने बताया कि महाराजपुर, गोपालपुर टांडी और भोजपुरवा में कटान से विद्यालय क्षतिग्रस्त होकर पानी में समा गए हैं। इन स्थानों पर नए विद्यालय निर्माण के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव तैयार कर उपलब्ध कराने तथा तत्काल नई जमीन चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने सभी बीईओ से जिले के विद्यालयों का विस्तृत विवरण मांगा, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि कहां विद्यालय हैं, कहां नहीं हैं, कितने विद्यालय जर्जर हैं, कितने ध्वस्त हो चुके हैं, किन भवनों को पीडब्ल्यूडी ने कंडम घोषित किया है तथा किनकी नीलामी हो चुकी है। कंडम घोषित विद्यालय भवनों को तत्काल ध्वस्त कराने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में किचन शेड नहीं है और बाहर भोजन बन रहा है, उसकी फोटो और वीडियो उपलब्ध कराई जाए तथा शीघ्र निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में बच्चों के लिए ड्रेस, किताब और अन्य सामग्री की धनराशि भेजी जा चुकी है, वहां प्रधानाध्यापकों से सूची लेकर यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चे निर्धारित ड्रेस पहनकर विद्यालय आ रहे हैं। बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों के कक्षों पर देश की महान विभूतियों के नाम अंकित किए जाएं और यह कार्य 15 अगस्त तक पूरा कर लिया जाए। नामांकन अभियान की समीक्षा में अधिकांश ब्लॉकों में प्रगति संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जतायी। बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह एवं सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / नीतू तिवारी