बाढ़ सम्भावित क्षेत्र में वृहद पाैधराेपण अभियान
बागपत, 23 मार्च (हि.स.)। दिल्ली एनसीआर के बाढ़ सम्भावित बागपत क्षेत्र सुभानपुर गांव के पास पौधरोपण अभियान शुरू किया गया है। सोमवार को जिलाधिकारी बागपत ने सिंचाई विभाग और वन विभाग के साथ मिलकर अभियान का शुभारंभ किया है। वन विभाग द्वारा ग्रामीण ऑन की मदद से 2000 पौधे लगाए गए हैं।
यमुना नदी के तटवर्ती बाढ़ प्रभावित ग्राम सुभानपुर, जहां वर्ष 2023 में बांध कटान की घटना हुई थी। वर्ष 2025 में भी क्षेत्र की संवेदनशीलता बनी रही, वहां दीर्घकालिक समाधान की आवश्यकता को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा वन विभाग के समन्वय से व्यापक पाैधरोपण अभियान सोमवार को प्रारंभ किया गया। जिलाधिकारी द्वारा ग्राम सुभानपुर में पहुंच कर बांस, अर्जुन एवं जामुन के पौधों का रोपण कर अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर 2000 से अधिक पौधे लगाए गए, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को हरित एवं सुरक्षित बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि बांस के पौधों की जड़ें अत्यंत मजबूत एवं घनी होती हैं, जो मिट्टी के कटाव को रोकने में सहायक हैं। साथ ही, इनके घने झुरमुट बाढ़ के जल प्रवाह को नियंत्रित कर प्राकृतिक अवरोध के रूप में कार्य करते हैं, जिससे आसपास के खेतों एवं आबादी को सुरक्षा मिलती है। उन्होंने आगे कहा कि यह परियोजना बाढ़ सुरक्षा के लिए एक सतत, पारिस्थितिक एवं दीर्घकालिक समाधान का उत्कृष्ट उदाहरण है। जनपद बागपत इस पहल के माध्यम से प्रदेश में नवाचार एवं पर्यावरण-अनुकूल बाढ़ प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इस अभियान से जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों के लिए बांस आधारित आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उक्त कार्यक्रम में ग्राम पंचायत, स्थानीय कृषकों एवं संबंधित विभागों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हुआ। जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान की नियमित निगरानी एवं समुचित देखभाल सुनिश्चित की जा रही है, जिससे इसकी दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी राहुल वर्मा, वन क्षेत्राधिकारी सरवन कुमार यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी