सरकारी हिंदी ने पकड़ी डिजिटल रफ्तार, बागपत को मुंबई में राष्ट्रीय सम्मान

 


बागपत, 15 सितंबर (हि.स.)। राजभाषा के क्षेत्र में बागपत ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर की 592 नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (नराकास) में वर्ष 2025-26 के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया है। यह सम्मान मुंबई में आयोजित छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में प्रदान किया गया। जिले को पहली बार मिले इस राष्ट्रीय सम्मान ने स्थानीय स्तर पर किए गए नवाचारों को देशभर में पहचान दिलाई है।

बागपत नराकास की सफलता के पीछे नियमित समीक्षा, प्रशिक्षण और तकनीक के बेहतर उपयोग को बताया गया है। समिति ने ‘हिंदी सेतु’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए राजभाषा से जुड़े जरूरी संसाधनों को एक क्लिक पर उपलब्ध कराया। इससे सरकारी दफ्तरों में हिंदी में काम करना आसान और प्रभावी हुआ। वहीं ‘कालिंदी धारा’ पत्रिका के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को रचनात्मक लेखन का मंच भी मिला, जिससे हिंदी का दायरा कार्यालयी कामकाज से आगे बढ़ा।

समिति अध्यक्ष मिन्हाजुल कमर और सचिव अभय नाथ मिश्र ने मुंबई में यह सम्मान प्राप्त किया। उन्होंने इसे सभी सदस्य कार्यालयों के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। समिति ने वर्षभर अर्द्धवार्षिक समीक्षा बैठकें, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

इस पहल में युवाओं की भागीदारी भी खास रही। ‘हिंदी सेतु’ के निर्माण में माय भारत स्वयंसेवक अमन कुमार ने तकनीकी सहयोग दिया, जिससे हिंदी से जुड़े कई टूल्स और संसाधन डिजिटल रूप से एक मंच पर उपलब्ध हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी