बागपत : बेबस बचपन को ‘क्षितिज’ से मिलेगा की सुरक्षित आसमान

 


बागपत, 16 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में रविवार को बाल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘क्षितिज बाल/शिशु गृह’ का शुभारंभ किया गया। सरूरपुर कलां स्थित इस केंद्र का उद्घाटन जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बच्चों के बीच उत्सव के माहौल में किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को गोद में लेकर स्नेह दिया और उनके साथ केक काटकर इस पहल को यादगार बनाया।

'क्षितिज’ उन बच्चों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल है, जिन्हें तत्काल पारिवारिक संरक्षण उपलब्ध नहीं हो पाता। यहां बच्चों को रहने, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, खेलकूद और भावनात्मक सहयोग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि हर बच्चे का अधिकार है रोटी, खेल, पढ़ाई और प्यार। उनके इस अधिकार को प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस क्रम में ही 'क्षितिज' पहल की प्रेरणा हाल ही में मिली दो नवजात बच्चियों से भी जुड़ी है, जो कठिन परिस्थितियों में मिली थीं। जिला अस्पताल में उनका उपचार कराया गया और जिलाधिकारी ने उन्हें ‘नव्या’ और ‘समायरा’ नाम देकर नई पहचान दी।

अब ‘क्षितिज’ जैसे केंद्र उनके और ऐसे अन्य बच्चों के सुरक्षित भविष्य की राह मजबूत करेंगे।

कार्यक्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर माहौल को जीवंत बना दिया। रंगीन सजावट और बाल अनुकूल वातावरण ने इस स्थान को केवल आश्रय गृह नहीं, बल्कि खुशहाल बचपन का केंद्र बना दिया है। ‘क्षितिज’ दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के लिए भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा, जहां से पात्र परिवार कानूनी प्रक्रिया के तहत बच्चों को गोद ले सकेंगे। इस पहल के माध्यम से बचाव, संरक्षण और पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया को मजबूत आधार मिलेगा।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि यह एक शुरूआत है जिससे अनाथ नवजात शिशुओं को जीने की राह मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी