बड़ी काली जी मंदिर में सवा लाख श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद

 


लखनऊ, 22 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन तक चौक स्थित मठ श्री बड़ी काली जी मंदिर में लगभग सवा लाख श्रद्धालुओं ने माई का श्रृंगार प्रसाद भोग एवं दर्शन लाभ प्राप्त किया। मंदिर के महंत विवेकानंद गिरी बताया की भगवती चंद्रघंटा का प्रादुर्भाव दुष्टों के संहार हेतु हुआ। भगवती के स्वरूप नाथ ध्वनि के द्वारा दुष्टों का दमन करता है। भगवती का स्वरूप सम एवं चंद्रमा के कांति के समान प्रलक्षित होता है, जिसमें स्वर्ण आभामंडल है। यह भक्तों को अभय प्रदान करने वाला है।

मंदिर के मीडिया प्रभारी अभय उपाध्याय ने बताया की यहां विशेष रूप से मेवा मिष्ठान एवं लॉन्ग का प्रसाद माता को चढ़ाया जाता है एवं आरती में प्रयोग हुआ लॉन्ग को प्रसाद के रूप में आरती के पश्चात भक्तों को बांटा जाता है। मंदिर प्रांगण समिति द्वारा आज तक कुल 83 मुंडन संस्कार हुआ एवं सभी को मंदिर कार्यालय की ओर से मुंडन संस्कार का एक प्रमाण पत्र दिया जाता है।

उन्हाेंने बताया कि मंदिर में विशेष रूप से लखनऊ के अतिरिक्त बाराबंकी सीतापुर कानपुर उन्नाव रायबरेली एवं जिलों से भक्तों का आगमन परिवार सहित बड़ी संख्या में होता रहता है जो मंदिर में दर्शन आदि करने के अतिरिक्त बाहर लगे मेले में खरीदारी झूले आदि का आनंद लेते हैं। मंदिर में प्रत्येक दिन रात्रि 10 बजे आरती की जाती है, जिसमें ढोल नगाड़े ताशे का प्रयोग किया जाता है। भजन कीर्तन कार्यक्रम आरती के पश्चात प्रत्येक दिन नवरात्रि तक चलता रहता है ।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन