बाबा नीब करौरी से जुड़े स्थलों की यात्रा के लिए हनुमान सेतु से रवाना हुआ पर्यटकों का दल

 


लखनऊ, 25 सितंबर (हि.स.)। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर बाबा नीब करौरी की भक्ति और साधना से जुड़े प्रमुख स्थलों की आध्यात्मिक यात्रा पर 30 सदस्यीय पर्यटकों का दल शुक्रवार को लखनऊ से रवाना हुआ। हनुमान सेतु से उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) की बस को रवाना किया गया। 'विजिट माई स्टेट' अभियान के तहत आयोजित तीन दिवसीय विशेष टूर में शामिल पर्यटक 25 से 27 सितंबर तक बाबा नीब करौरी से जुड़े प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे।

बारिश की फुहारों के बीच बाबा नीब करौरी से जुड़े प्रमुख स्थलों की आध्यात्मिक यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह रहा। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक हर आयु वर्ग के पर्यटक इस विशेष यात्रा का हिस्सा बने। यूपीएसटीडीसी की ओर से 8,500 रुपये (सामान्य कीमत 16,500 रुपय) वाले तीन दिवसीय टूर पैकेज में डबल शेयरिंग के आधार पर वातानुकूलित आवास, होटल में नाश्ता, दोपहर व रात का भोजन, हाई टी, टूर गाइड की सुविधा और विभिन्न स्थलों के प्रवेश शुल्क आदि शामिल हैं। पैकेज का उद्देश्य पर्यटकों को बाबा नीब करौरी से जुड़े प्रमुख स्थलों की सुविधाजनक, व्यवस्थित और गाइडेड आध्यात्मिक यात्रा का अनुभव कराना है।

बाबा की जन्मस्थली से समाधि स्थल तक सफर

लखनऊ स्थित हनुमान सेतु से 30 यात्रियों का दल शुक्रवार सुबह रवाना हुआ। पहले दिन पर्यटक फर्रुखाबाद पहुंचकर बाबा नीब करौरी आश्रम के दर्शन के बाद संकिसा जाएंगे। वहां अशोक स्तंभ, बौद्ध स्तूप, प्राचीन बौद्ध अवशेष और मठों का भ्रमण करेंगे। दूसरे दिन, पर्यटक फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली पहुंचेंगे। इसके बाद मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और द्वारकाधीश मंदिर के दर्शन होंगे। शाम को वृंदावन स्थित प्रेम मंदिर का भ्रमण कराया जाएगा। अंतिम दिन, वृंदावन में बाबा की आध्यात्मिक विरासत से जुड़े स्थलों के साथ समाधि स्थल, बांके बिहारी मंदिर और इस्कॉन मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। तत्पश्चात, पर्यटक लखनऊ लौटेंगे। यह यात्रा आगंतुकों को बाबा नीब करौरी सर्किट (फिरोजाबाद-फर्रुखाबाद-वृंदावन-लखनऊ) के सभी प्रमुख स्थलों को करीब से जानने का अवसर प्रदान कर रही है।

बाबा नीब करौरी की विरासत से परिचित होंगे पर्यटक

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विशेष टूर पैकेज के जरिए पर्यटकों को बाबा से जुड़े अल्पज्ञात स्थलों से परिचित कराने के साथ अधिक से अधिक यात्रियों को उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का प्रयास है।'

अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं यूपीएसटीडीसी के चेयरमैन अमृत अभिजात ने कहा कि उत्तर प्रदेश बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली और समाधि स्थली, दोनों का साक्षी है। दुनियाभर में बाबा के अनुयायियों के लिए यह भूमि विशेष आध्यात्मिक महत्व रखती है, लेकिन प्रदेश से उनके जुड़ाव के बारे में अभी कम लोगों को जानकारी है। उन्होंने कहा कि 'विजिट माई स्टेट' अभियान के तहत प्रदेश सरकार बाबा से जुड़े आस्था स्थलों को पर्यटन गंतव्य के रूप में प्रदर्शित कर रही है।-----------------

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन