बारिश से बदला मौसम, ओलावृष्टि से किसानों को टेंशन

 


हाथरस, 31 मार्च (हि.स.)। मंगलवार शाम मौसम ने अचानक करवट बदली। दिनभर की उमस और तेज गर्मी के बाद शाम तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। बारिश के दौरान ही हल्की सी ओलावृष्टि भी हुई। इससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। देर रात भी झमाझम बारिश हुई। वहीं गेंहू की फसल काे लेकर किसानाें के माथे पर चिंता की लकीरे साफ देखी जा सकती हैं।

इस दौरान चने के आकार के ओले भी गिरे। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, दोपहर बाद से ही आसमान में बादल छाने लगे थे। शाम होते-होते तेज हवाओं ने पूरे क्षेत्र का माहौल बदल दिया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में ऐसे ही हालात बने रहे। तेज हवाओं के कारण बाजार में अफरा-तफरी मच गई। धूल भरी आंधी और बारिश की आशंका को देखते हुए कई दुकानदारों ने अपना सामान समेट लिया। सड़क किनारे लगे ठेले और अस्थायी दुकानों के मालिकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्थानों पर हवा इतनी तेज थी कि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रुकना पड़ा। बूंदाबांदी शुरू होते ही मौसम खुशनुमा हो गया। लोग घरों की छतों और गलियों में ठंडी हवाओं का आनंद लेते दिखे। बच्चों और युवाओं में मौसम के इस अचानक बदलाव को लेकर उत्साह था। पिछले कई दिनों से पड़ रही गर्मी के बाद इस बदलाव ने लोगों को काफी राहत दी। हालांकि, इस बदले मौसम ने गेहूं किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय क्षेत्र में गेहूं की फसल कटाई के लिए लगभग तैयार खड़ी है। ऐसे में तेज आंधी, बारिश या ओलावृष्टि से फसल गिरने और दाने खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। उत्तर भारत के कई इलाकों में बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे स्थानीय किसान चिंतित हैं। समाचार लिखे जाने के समय भी बारिश जारी थी। मीरपुर के किसान रामकिशन, निहाल सिंह और महेन्द्र सिंह ने बताया कि इन दिनाें ऐसे माैसम से खासकर गेंहू की फसल काे अधिक नुकसान है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना