अयोध्या : विट्ठल भगवान के प्रथम मंदिर में जारी है प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव, हाे रहे हैं धार्मिक अनुष्ठान
अयोध्या, 26 जुलाई (हि.स.)। रामनगरी अयोध्या में विट्ठल भगवान के प्रथम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ 24 जुलाई से शुरु हो गया है। यह धार्मिक आयोजन 27 जुलाई तक विभिन्न वैदिक अनुष्ठानों, पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ अनवरत चलेगा।
मंदिर का निर्माण जगद्गुरु श्री स्वामी राघवाचार्य जी महाराज के मार्गदर्शन में कराया गया है, जिसे पूरा होने में लगभग ढाई से तीन वर्ष का समय लगा। महोत्सव में दक्षिण भारत से आए विद्वान वैदिक आचार्यों एवं पंडितों के नेतृत्व में प्राण प्रतिष्ठा एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। आयोजन में अयोध्या के प्रमुख संत-महात्माओं के साथ विभिन्न जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। श्रद्धालु और अतिथि अपने-अपने समयानुसार मंदिर पहुंचकर भगवान विट्ठल के दर्शन कर रहे हैं तथा आयोजकों द्वारा उनका सम्मान भी किया जा रहा है।रमेश कुमार मिश्रा बताया कि अयोध्या में विट्ठल भगवान का यह पहला स्थापित मंदिर है। अब तक भगवान विट्ठल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को मुख्य रूप से दक्षिण भारत के तीर्थस्थलों की यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन अब रामनगरी में ही भक्तों को विट्ठल भगवान के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।रमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि यह मंदिर न केवल अयोध्यावासियों बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का नया केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान विट्ठल के भी दर्शन कर सकेंगे, जिससे रामनगरी की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को नई पहचान मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय