अयोध्या की स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगी नई मजबूती, 300 बेड के अस्पताल का निर्माण जारी
-163.71 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा सात मंजिला चिकित्सालय, आपातकालीन विभाग से लेकर आईसीयू तक मिलेंगी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं
-नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए एसएनसीयू, एमएनसीयू और एनआईसीयू; डॉक्टरों व चिकित्सा कर्मियों के लिए 64 आवास भी बन रहे
अयोध्या, 09 अक्टूबर (हि.स.)। अयोध्या में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना पर काम चल रहा है। रामपथ पर रीडगंज के निकट 300 बेड क्षमता वाले सात मंजिला आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही इस परियोजना से अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। अस्पताल में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रोगियों के उपचार के लिए विशेष व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना की स्वीकृत लागत 163.71 करोड़ रुपये है। निर्माण कार्य 27 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और इसे 26 अगस्त 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लोक निर्माण विभाग, खंड-2 के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र के अनुसार, अस्पताल का निर्माण कार्य 23 प्रतिशत पूरा हो चुका है। पीसीसी का काम प्रगति पर है, जबकि टाइप-2 और टाइप-3 आवासों का निर्माण भी जारी है। अस्पताल परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए बाउंड्रीवॉल, गेट एवं गार्ड रूम, अंडरग्राउंड टैंक (यूजीटी), सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सबस्टेशन, फायर फाइटिंग सिस्टम, साइनेज, सड़क, लैंडस्केपिंग और बाहरी विद्युतीकरण का काम भी चल रहा है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य अस्पताल परिसर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
नवजात शिशुओं से लेकर गंभीर मरीजों तक के उपचार की व्यवस्था
अस्पताल की दूसरी मंजिल पर नवजात शिशुओं और माताओं की देखभाल के लिए एसएनसीयू, एमएनसीयू कॉम्प्लेक्स और एनआईसीयू विकसित किए जा रहे हैं। इन विशेष इकाइयों में नवजात शिशुओं के उपचार और देखभाल की व्यवस्था होगी।तीसरी और चौथी मंजिल पर जनरल वार्ड के लिए 160 बेड की क्षमता विकसित की जा रही है। पांचवीं मंजिल पर आईसीयू और प्राइवेट वार्ड बनाए जा रहे हैं, जबकि छठी मंजिल पर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और सीएसएसडी की व्यवस्था होगी। सातवीं मंजिल पर प्रशासनिक विभाग स्थापित किया जाएगा, जिससे अस्पताल के संचालन और प्रबंधन को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
ओपीडी, आपातकालीन विभाग और रेडियोलॉजी की सुविधाएं
मुख्य चिकित्सालय भवन के बेसमेंट में 225 कारों की पार्किंग विकसित की जा रही है। लोअर बेसमेंट में रेडियोलॉजी, मेडिकल सर्विसेज और पार्किंग की व्यवस्था होगी। अपर ग्राउंड फ्लोर पर 26 बेड क्षमता वाला आपातकालीन विभाग बनाया जा रहा है। इसके साथ डीयू कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी प्रस्तावित है। प्रथम तल पर ओपीडी विकसित की जा रही है, जहां मरीजों को जांच और चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा मिलेगी। ओपीडी, आपातकालीन विभाग, रेडियोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू जैसी व्यवस्थाओं के एक ही परिसर में विकसित होने से अस्पताल में विभिन्न स्तरों की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों के लिए बन रहे 64 आवास
मुख्य अस्पताल के साथ साइट-2 पर आवासीय भवनों का निर्माण भी किया जा रहा है। यहां 22 बेड क्षमता वाला नर्स हॉस्टल बनाया जा रहा है। इसके अलावा टाइप-2 के 36, टाइप-3 के 4, चिकित्साधिकारियों के लिए टाइप-4 के 20 और वरिष्ठ चिकित्साधिकारियों के लिए टाइप-5 के 4 आवास बनाए जा रहे हैं। इन श्रेणियों के तहत कुल 64 आवासों का निर्माण हो रहा है। परिसर में आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा कर्मियों को कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा मिल सकेगी। इससे अस्पताल के संचालन और जरूरत के समय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
रामपथ पर बन रहा यह 300 बेड का चिकित्सालय अयोध्या की स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अस्पताल में सामान्य उपचार से लेकर आपातकालीन सेवाओं, नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल, आईसीयू, रेडियोलॉजी और ऑपरेशन थिएटर तक की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।अयोध्या धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता उपयोगी होगी। निर्माण पूरा होने के बाद अस्पताल में विकसित की गई सुविधाएं शहर की चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे सकती हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय