रामलला की अनन्य भक्त गौमाता सरयू ने ली अंतिम विदाई
अयोध्या, 07 सितंबर (हि.स.)। रामलला की नित्य परिक्रमा करने वाली और रंगमहल मंदिर की पहचान बन चुकी गोवंश सरयू ने राम मंदिर निर्माण के बाद सोमवार को मंदिर की गौशाला में दुनिया को अलविदा कह दिया।
रंगमहल मंदिर परिसर में शोक की लहर है। सरयू गौ माता रोज़ाना रामलला की परिक्रमा करती थी और परिक्रमा के बाद रामलला की ओर सिर झुकाकर प्रणाम करती थी, जिसका वीडियो सालों तक सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा।
बताया जाता है कि जब रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण प्रारंभ हुआ था, तब भी सबसे पहले रंगमहल सरकार की इसी सरयू गौ माता के पूजन से कार्य शुरू किया गया था, मानो रामलला में ही उसके प्राण बसते हों। अपने जीवन में उसने अपनी आँखों से संपूर्ण राम मंदिर बनते हुए देख लिया।
सरयू को बचपन में रंगमहल सरकार की शाखा गोरखपुर के गोला बाजार तहसील स्थित भवानियापुर मंदिर से अयोध्या लाया गया था।
गौमाता की एक विशेष आदत थी - वह एकादशी के दिन भोजन ग्रहण नहीं करती थी, और संयोग से एकादशी के दिन ही उसने शरीर त्यागा।
अंतिम यात्रा का कार्यक्रम:
मंगलवार को सुबह 8 बजे सीता कुंड स्थित रंगमहल गौशाला से उसकी अंतिम यात्रा निकलेगी, जो रामजन्मभूमि की परिक्रमा करते हुए 9:00 बजे रंगमहल पहुंचेगी। इसके बाद सरयू जी में उसे जल समाधि दी जाएगी।
अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रंगमहल परिवार के भक्त बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंच रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय