राम मंदिर परिसर में 90 करोड़ रुपये से बनेगा अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय : नृपेंद्र मिश्र

 


छह महीने में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य, थ्रीडी और सेवनडी तकनीक से श्रद्धालुओं को मिलेगा 15 मिनट का आभासी अनुभव

अयोध्या, 17 अक्टूबर (हि.स.)। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में 90 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय बनाया जाएगा। संग्रहालय में 20 गैलरियां होंगी, जिनमें भगवान श्रीराम की वंशावली से लेकर उनके जीवन, आदर्शों और वर्तमान समय तक उनकी प्रासंगिकता को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। यह जानकारी राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को दी।

उन्होंने बताया कि संग्रहालय की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) अगले सप्ताह तक पूरी करने और इसके 15 दिनों के भीतर टेंडर जारी करने की योजना है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी गैलरियों में एक साथ निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है। निर्माण कार्य छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि संग्रहालय में भगवान श्रीराम की जीवनगाथा के साथ राम जन्मभूमि के करीब 500 वर्षों के कानूनी इतिहास और उत्खनन के दौरान मिले पुरातात्विक अवशेषों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को रामकथा, राम जन्मभूमि के इतिहास तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।

आधुनिक तकनीक से दिखेगी श्रीराम की यात्रा

संग्रहालय में थ्रीडी, सेवनडी और वीडियो तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए भगवान श्रीराम की यात्रा, नदियों के किनारे उनके भ्रमण और विभिन्न महापुरुषों से उनकी मुलाकातों से जुड़े प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। सामाजिक समरसता, मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में भगवान श्रीराम के आदर्शों और उनके जीवन मूल्यों को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

एक विशेष गैलरी में श्रद्धालुओं को करीब 15 मिनट का इमर्सिव यानी आभासी अनुभव देने की योजना है। इसके माध्यम से वे कुबेर टीला, मंदिर के परकोटे की परिक्रमा और भगवान श्रीराम के दर्शन का आभासी अनुभव प्राप्त कर सकेंगे।

नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, सभी 20 गैलरियों की स्क्रिप्ट, कहानी और तकनीकी स्वरूप को अंतिम रूप दे दिया गया है। संग्रहालय को इस तरह विकसित करने की योजना है कि यहां आने वाले लोगों को रामकथा के विभिन्न प्रसंगों के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक तथ्यों की जानकारी भी मिल सके।

हनुमान जी की संकट मोचन गैलरी खोलने पर विचार

बैठक में हनुमान जी पर आधारित संकट मोचन गैलरी खोलने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इसके अलावा पहले से तैयार चार अन्य गैलरियों को श्रद्धालुओं के लिए खोलने का निर्णय स्वामी गोविंद देव गिरि की सहमति के बाद लिया जाएगा।

निर्माण समिति ने निर्माण एजेंसियों को दी गई अग्रिम धनराशि के समयबद्ध उपयोग और निर्धारित समय में कार्य पूरा करने से संबंधित सुझाव को भी स्वीकार किया। इसके तहत काम में देरी होने की स्थिति में अग्रिम धनराशि पर ब्याज ट्रस्ट को दिए जाने का सुझाव शामिल है।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय