राष्ट्रपति के स्वागत में सजेगी रामनगरी, एयरपोर्ट से राम मंदिर तक 20 सांस्कृतिक मंच

 


-सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अयोध्या में भव्य तैयारियां, 250 कलाकार देंगे सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

-राम नगरी में राष्ट्रपति का पारम्परिक स्वागत, अवधी लोकनृत्य और भजन से गूंजेगा अयोध्या मार्ग

-राष्ट्रपति के दौरे को लेकर अयोध्या में सांस्कृतिक उत्सव, रामायण आधारित कार्यक्रमों से होगा अभिनंदन

-अयोध्या में भक्ति और संस्कृति की गूंज, राष्ट्रपति स्वागत के लिए सजेंगे 20 मंच

अयोध्या, 16 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में राम नगरी अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के 19 मार्च के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं।

प्रशासन, संस्कृति विभाग और विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से पूरे शहर को भव्य और सांस्कृतिक स्वरूप में सजाया जा रहा है, ताकि राष्ट्रपति का पारम्परिक और गरिमामय स्वागत किया जा सके।

एयरपोर्ट से राम मंदिर तक होगा भव्य स्वागत

सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि संस्कृति विभाग के प्रयास से एयरपोर्ट से राम मंदिर गेट तक भव्य स्वागत का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान शहर की सड़कों पर करीब 20 सांस्कृतिक मंच सजाए जाएंगे, जहां लगभग ढाई सौ कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

250 कलाकार देंगे रामायण आधारित प्रस्तुतियां

उन्होंने बताया कि इन मंचों पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कलाकार रामायण आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रमों में स्वागत गीत, भजन, बधावा, अवधी लोकगायन, लोकनृत्य और राम भक्ति से जुड़े पारम्परिक कार्यक्रम शामिल होंगे।राष्ट्रपति के स्वागत मार्ग पर रोड के दोनों ओर इन मंचों को स्थापित किया जाएगा, जिससे पूरा रास्ता भक्ति और संस्कृति की ध्वनि से गूंज उठेगा।

अयोध्या की परम्परागत संस्कृति की झलक

अयोध्या की परम्परागत संस्कृति को दर्शाने के लिए रामलीला अंश प्रस्तुति, अवधी लोकनृत्य, झांकी, ढोल-नगाड़ा, शंखनाद, वेदपाठ और भजन संकीर्तन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से अयोध्या की प्राचीन धार्मिक, वैदिक और सांस्कृतिक परम्पराओं की झलक दिखाई जाएगी।

शहर के प्रमुख स्थानों पर सजेंगे मंच

प्रमुख स्थानों पर मंच लगाए जाएंगे, जिनमें एयरपोर्ट रोड, नाका, देवकाली, चूड़ामणि चौराहा, निषाद राज चौराहे, बृहस्पति कुंड के पास और राम मंदिर गेट के निकट के क्षेत्र शामिल हैं। छोटे मंचों पर लगभग 7 कलाकारों की टीम प्रस्तुति देगी, जबकि बड़े मंचों पर करीब 15 कलाकारों की टीम सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी।

अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को मिलेगा वैश्विक मंच

सीडीओ कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि सभी टीमें राम भक्ति, अवधी संस्कृति और वैदिक परम्पराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। इस भव्य आयोजन का उद्देश्य राष्ट्रपति का पारम्परिक और हृदयस्पर्शी स्वागत करना है। जिससे अयोध्या की सांस्कृतिक धरोहर को देश और विश्व पटल पर और मजबूती से स्थापित किया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय