भारतीय नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा- 2083 की पूर्व संध्या पर हुई श्री रामकोट परिक्रमा

 






अयोध्या, 18 मार्च (हि.स.)। भारतीय नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा- 2083 की पूर्व संध्या पर बुधवार को श्री रामकोट परिक्रमा का शुभारम्भ मत गजेंद्र मंदिर से किया गयाI संतो के साथ श्री रामकोट परिक्रमा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश जोशी भैय्या जी की विशेष उपस्थिति रहीI

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी नवसंवत्सर की पूर्व संध्या पर संत-महंत, धर्माचार्य एवं भक्तजनाें ने जय श्रीराम, सीताराम संकीर्तन संग पाैराणिक रामकाेट की परिक्रमा किया। परिक्रमा में गाजे-बाजे, घाेड़े शामिल रहे। रथ पर भगवान श्रीराम, जानकी, लक्ष्मण, हनुमान के स्वरूप विराजमान थे। जाे पूरी परिक्रमा में काैतूहल का विषय बनी रही।

बुधवार को सर्वप्रथम मातगैंड़ चाैराहे पर स्थित मतगजेंद्र उर्फ काेतवाल बाबा की वैदिक मंत्राेच्चारण से पूजन-अर्चन, आरती किया गया। तदुपरांत भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, जानकी व हनुमान के स्वरूपाें की सुभव्य आरती उतारी। फिर पाैराणिक रामकाेट की परिक्रमा आरंभ हुई। जाे सब्जी मंडी चाैराहा, श्रृंगारहाट, बिड़ला धर्मशाला, रामानंदाचार्य गेट के सामने से हाेते हुए टेढ़ी बाजार चाैराहा पहुंची। वहां से श्रीरामजन्भूमि थाना, वशिष्ठकुंड, कटरा, अशर्फी भवन से हाेकर मातगैंड़ चाैराहे पर समाप्त हुई। रास्ते में दर्जनाें जगह पुष्पवर्षा कर परिक्रमार्थियाें का स्वागत किया गया।

आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश भैय्याजी जाेशी ने कहा कि भारत धर्म, साधु-संताें, तपस्वियाें का देश है। गर्व से कहाे, हम हिंदू हैं। हिंदुस्तान अनादि और अनंत है। इसे काेई समाप्त नहीं कर सकता है। हम सबके अंत:करण में अपने देश के प्रति श्रद्धा हाेनी चाहिए। हिंदू और भारत सशक्त बनेगा। शक्तिशाली भारत ईश्वर व साधु-संतों की इच्छा है। इस मातृभूमि काे शक्तिशाली बनाने का हम सब संकल्प लें।

पाैराणिक रामकाेट परिक्रमा में महंत मैथिलीरमण शरण, महापाैर महंत गिरीशपति त्रिपाठी, पूर्व महापाैर ऋषिकेश उपाध्याय, आरएसएस प्रांत प्रचारक काैशल, जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी अनन्ताचार्य, जगतगुरु रामानुजाचार्य स्वामी रत्नेश प्रपन्नाचार्य, महंत वैदेहीवल्लभ शरण, अधिकारी राजकुमार दास, महंत डॉ. मिथिलेश नंदनी शरण, महंत जयराम दास वेदांती, महंत राममिलन शरण, महंत रामानुज शरण, महंत गाेविंद दास, महंत उद्धव शरण, महंत महेश दास, महंत श्यामसुंदर दास, महंत वीरेंद्र दास, महामंडलेश्वर महंत गणेशानंद दास, राजेश महाराज, स्वामी गयाशरण, आचार्य सत्येंद्र दास वेदांती, महंत रामशरण दास रामायणी, महंत बनवारी पति ब्रह्मचारी, महंत वीरेंद्र दास, एमबी दास, महंत रामकृष्ण दास रामायणी, महंत कामता शरण, महंत प्रियाशरण, महंत बागीश शरण, महंत बालक दास, महंत करपात्री महाराज, महंत प्रियाप्रीतम शरण, महंत सीताराम दास महात्यागी, महंत भूषण दास, महंत किशाेरी शरण, महंत छाेटू शरण, महंत राजन बाबा, महंत कमलादास रामायणी, महंत अशाेक दास, स्वामी छविराम दास, महंत शशिकांत दास, पुजारी रमेश दास, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, भाजपा महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, डॉ. विशाल मिश्रा, वैश्य विनोद जायसवाल, खुन्नू पांडेय, वैद्य आरपी पांडेय, डॉ. दिलीप सिंह, गंगा सिंह, नारायण मिश्रा, रामनंदन दास, संत दास, मुकेश तिवारी फाैजी आदि समेत हजारों लाेग शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय