शरद पूर्णिमा पर श्रीरामलला को अर्पित होगा खीर का विशेष भोग
- गर्भगृह के बाहर उत्तरी चबूतरे पर होंगे विशेष धार्मिक अनुष्ठान, सीईओ ने दिये कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश
अयोध्या, 24 अक्टूबर (हि.स.)। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार 25 अक्टूबर को श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर में विराजमान प्रभु श्रीराम के बालस्वरूप श्रीरामलला का विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा। इस अवसर पर पारम्परिक रीति-नीति के अनुसार देर रात भगवान को खीर का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। आयोजन के लिये सुरक्षा के विशेष प्रबन्ध भी किये जा रहे हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात्रि में चन्द्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस रात्रि चन्द्रमा की किरणों से अमृत वर्षा होने की मान्यता है। इसी श्रद्धाभाव से खीर को खुले आकाश के नीचे चांदनी में रखने तथा मध्यरात्रि के पश्चात् उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करने की परम्परा है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रीरामलला को विशेष खीर का भोग लगाया जाएगा तथा उत्सवी वातावरण में पारम्परिक पदगायन होगा।
श्रीराम मन्दिर के धार्मिक व्यवस्था प्रमुख इन्द्रदेव मिश्र ने बताया कि अर्चक प्रमुख आचार्य केशव की उपस्थिति में संध्या आरती के उपरान्त श्रीरामलला विराजमान के चल विग्रह को सम्बन्धित कार्य टोली द्वारा गर्भगृह के बाहर स्थित उत्तरी चबूतरे पर ले जाया जाएगा। इसी निर्धारित स्थल पर शरद पूर्णिमा के विशेष धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न होंगे।
आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अर्चक प्रमुख आचार्य केशव ने ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेन्द्र मिश्र (सेवानिवृत्त) को पत्र लिखकर कड़े सुरक्षा प्रबन्ध सुनिश्चित करने का आग्रह किया था। इस पर सीईओ ने सम्बन्धित सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए आयोजन स्थल पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। उक्त जानकारी श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के समाचार प्रबंधक सुभाष चंद्र सिंह ने शनिवार काे दी।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय