जो ईमानदार है, उसको चुकानी पड़ती है कीमत : राहुल देव
- प्रेस क्लब में वरिष्ठ पत्रकार स्व राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय की 12वीं पुण्यतिथि पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
- स्व. राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय के स्मृतियों व उनके जुड़े संस्मरणों को संगोष्ठी के दौरान किया गया याद
अयोध्या, 24 मई (हि.स.)। प्रेस क्लब में वरिष्ठ पत्रकार स्व. राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय की पुण्यतिथि पर संगोष्ठी का रविवार को आयोजन हुआ। जिसमें भारतीय लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका विषय पर वक्ताओं ने अपना पक्ष रखा। इससे पहले स्व. राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने स्व. राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय की स्मृतियों व उनसे जुड़े संस्मरणों को याद करते हुए कहा कि जो ईमानदार है। उसको इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। सुख सुविधा तपस्वियों के हिस्से की चीज नहीं है। सुख सुविधा सम्पन्न लोगो में ईमानदारी का गुण शायद मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कोई भी विचारधारा है, वह हमें कैद करके रखती है। हमारे बहुआयामी विकास को बाधित करती है। पत्रकार के लिए विचारधारा में कैद होना उसकी पत्रकारिता को ध्वस्त करता है। उन्होंने कहा कि चरित्र व प्रकृति के अगर पत्रकारिता सत्ता के विरोधी नहीं है तो सत्ता के साथ भी नहीं हो सकती है। सत्ता से जुड़े लोग पत्रकारिता नहीं कर सकते है। इसमें मैं सारे दलों को शामिल कर रहा हूं। इसमें सभी विचारधारा शामिल है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का चाैथा स्तम्भ है। उसे किसी व्याख्या की जरुरत नहीं होती है। लोकवृत के बिना लोकतंत्र सुरक्षित नहीं रह सकता है, उसका निर्माण पत्रकारिता करती है। टीवी पर जो प्रसन्न चेहरे दिखते हैं, उनके पीछे हजारों सीमित संसाधनों में काम करने वाले गरीब पत्रकार हैं। पत्रकारिता ईमानदार, संसाधन विहीन अवस्था में जीने वाले पत्रकारों के कारण जिंदा है।
पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि स्व राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय की पत्रकारिता वर्तमान पत्रकारों के लिए हमेशा पथ प्रदर्शक की भांति रहेगी। ईमानदारी से काम करने के साथ किसी भी प्रकार की परिस्थिति उन्हें सत्य के मार्ग पर चलने से रोक नहीं सकी। उनके विचार सदा हमारी स्मृतियों में रहेंगे। प्रथम महापौरा ऋषिकेश उपाध्याय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय से जुड़े संस्मरण बताए। उन्होंने कहा कि राजनीति में वह उन्हें अभिभावक के रुप में लेते थे। जब भी कोई संकट आता था। उसके निवारण के लिए वह उनके पास जाते थे। वरिष्ठ पत्रकार त्रियुग नारायन तिवारी ने कहा कि स्व राजेन्द्र प्रसाद कर्मठ व ईमानदार पत्रकार थे। ईमानदारी से काम करना कठिन होता है, इसके साथ में आवश्यकता होने पर भी ईमानदार रहना बड़ी बात है। यही गुण स्व राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय में थे। एक पत्रकारों के सम्मेलन में लोग शोर करके उन्हें बोलने से रोक रहे थे। लेकिन उसके बाद भी वह अपनी पूरी बात कहकर ही माने। आज पत्रकारिता में सच बोलना गुनाह है। अब पत्रकारिता कहां है। क्या छपना है यह पहले से तय है। संगोष्ठी को भाजपा नेता डा. मिथिलेश त्रिपाठी, डा. बांके बिहारी मणि त्रिपाठी, अवधेश पाण्डेय बादल, अभिषेक मिश्रा, इन्द्र मणि शुक्ला, कमलाशंकर पाण्डेय, परमानंद मिश्रा, कृष्ण मुरारी सिंह, करुणाकर पाण्डेय, इन्द्रभूषण पाण्डेय, सूर्यकांत पाण्डेय, ओम प्रकाश सिंह, राजेन्द्र प्रताप सिंह ने सम्बोधित किया। संचालन वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण तिवारी ने किया।
इस मौके पर हरि कृष्ण अरोड़ा, राम कुमार सिंह, प्रेस क्लब अध्यक्ष सुरेन्द्र श्रीवास्तव, सचिव जय प्रकाश सिंह, सूर्य नारायण सिंह ,उग्रसेन मिश्रा, शक्ति सिंह, पवन पाण्डेय , अर्जित पांडेय ,मोहित पांडेय, लवलेश मिश्रा, उमेश सिंह, गोकरण द्विवेदी, ज्ञानेश चंद्र पाण्डेय, रमेश तिवारी, विजय ओझा, वीरेंद्र मौर्य, सहित बडी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय