मां सरयू की निर्मलता के लिए एकजुट होगी अयोध्या, पांच हजार लोग करेंगे श्रमदान
-31 अक्टूबर को सरयू तट पर महा स्वच्छता अभियान, महापौर ने अधिवक्ताओं, व्यापारियों, संत-महंतों और सामाजिक संगठनों से मांगा सहयोग
-नगर आयुक्त की अगुवाई में मणि पर्वत पर चला विशेष सफाई अभियान, तीर्थ पुरोहित और मांझी समाज ने भी भागीदारी का दिया भरोसा
अयोध्या, 30 अक्टूबर (हि.स.)। मां सरयू की स्वच्छता और निर्मलता के संकल्प को जनआंदोलन का रूप देने के लिए अयोध्या 31 अक्टूबर को एकजुट होगी। नगर निगम की ओर से सरयू तट पर आयोजित होने वाले मां सरयू महा स्वच्छता अभियान में करीब पांच हजार लोगों के शामिल होने की तैयारी है। इसमें अधिवक्ता, व्यापारी, किसान, संत-महंत, तीर्थ पुरोहित, मांझी समाज, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा श्रमदान करेंगे। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने विभिन्न वर्गों और संगठनों से संवाद कर अभियान में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की पहल की है।
स्वच्छता अभियान को लेकर नगर निगम की तैयारियां तेज हो गई हैं। शुक्रवार को नगर आयुक्त की अगुवाई में मणि पर्वत पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया। नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सफाई कर लोगों को सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक धरोहरों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। इस दौरान 31 अक्टूबर के महा अभियान को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
इससे एक दिन पूर्व गुरुवार को महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने दुर्गेश पांडेय के नेतृत्व में आयोजित तीर्थ पुरोहित एवं मांझी समाज के प्रतिनिधियों की बैठक में सहभागिता की। उन्होंने दोनों समाजों से सरयू की स्वच्छता को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानते हुए महा अभियान में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। बैठक में लोगों को अभियान से जोड़ने और अधिकाधिक श्रमदान कराने पर चर्चा हुई।
अभियान में चिंतन संस्था के साथ उसकी सहयोगी संस्थाएं भी सक्रिय भूमिका निभाएंगी। विभिन्न सामाजिक और स्वयंसेवी संगठन जनजागरूकता के साथ लोगों को श्रमदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अधिवक्ताओं, व्यापारियों, धार्मिक संगठनों और किसान संगठनों से भी संपर्क कर उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है।
महापौर ने कहा कि मां सरयू केवल नदी नहीं, बल्कि अयोध्या की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार हैं। उनकी स्वच्छता के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी जरूरी है। पांच हजार लोगों का एक साथ श्रमदान करना अयोध्या की सामूहिक चेतना और सरयू के प्रति श्रद्धा का प्रतीक बनेगा। उन्होंने शहरवासियों से 31 अक्टूबर को सुबह आठ बजे अभियान में शामिल होकर स्वच्छ, सुंदर और निर्मल अयोध्या के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय