निर्माण कार्य में विलंब करने पर कार्यदाई संस्था से वसूला जाएगा जुर्माना
समीक्षा बैठक, नगर आयुक्त का कड़ा रुख, अनुरक्षण पर खर्च बढ़ाने का निर्णय
अयोध्या, 09 अप्रैल (हि.स.)। नगर निगम से जुड़े निर्माण कार्य में विलंब करने वाली कार्यदाई संस्थाओं पर नगर आयुक्त ने गुरूवार काे कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने निर्माण कार्य में एक माह से अधिक विलंब करने वाली एजेंसी से जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया शुरू करने का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन के हिसाब से कार्यदाई संस्थाओं से जुर्माना वसूला जाए। यदि इसके बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं होता है तो संस्था को काली सूची में डाल दिया जाए।
वह नगर निगम कार्यालय में विकास योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने की। इस दौरान अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ समन शुल्क की वसूली को अपर्याप्त बताते हुए प्रवर्तन दल के प्रभारी को पत्र लिखने का निर्देश नगर आयुक्त ने दिया। बीते वर्ष प्रवर्तन दल ने 2.20 लाख रुपये समन शुल्क की वसूली की गई है, जबकि प्रतिबंधित पॉलिथीन का प्रयोग एवं बिक्री करने वालों के खिलाफ चलाए गए अभियानमें 11 लाख रुपये कर के रूप में प्राप्त हुए हैं।
समीक्षा बैठक के दौरान आर्य मंदिर चौक के पास से हटाई गई अवैध प्लाटिंग पर पार्किंग बनवाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान महापौर ने भवन, सड़क, नाली एवं अन्य संपत्तियों के अनुरक्षण पर खर्च की जाने वाली धनराशि को बढ़ाने का निर्देश दिया। उन्होंने पार्कों के रखरखाव के लिए कर्मचारियों की तैनाती करने तथा खुले बाजार को विकसित करने के लिए रेलिंग लगाने, जल निकासी एवं सफाई की सुविधा सुनिश्चित कराने, कूड़ादान रखवाने के साथ ही परिसंपत्तियों के रखरखाव पर आवश्यक धनराशि खर्च करने का निर्देश दिया। बैठक में दुकानों का किराया रिवाइज करने, नगर निगम की संपत्तियों का चिह्नीकरण करने के लिए अभियान चलाने एवं संपत्ति रजिस्टर को अपडेट करने की आवश्यकता जताई गई।
समीक्षा बैठक में अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, भारत भार्गव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आरएम शुक्ल, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी गजेंद्र कुमार, सहायक नगर आयुक्त गुरुप्रसाद पांडेय, सहायक अभियंता निर्माण राजपति यादव एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय