अयोध्या मंडल में 204 निर्माण कामगार परिवारों को मिला आर्थिक संबल

 


-श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जानी जाती है योजना

अयोध्या, 31 अगस्त (हि.स.)। सरकार की कल्याणकारी पहलों के तहत प्रदेश के निर्माण कामगार परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना के अंतर्गत अयोध्या मंडल के पांच जिलों के कुल 204 लाभार्थी परिवारों को करोड़ों रुपये की धनराशि वितरित की गई है। यह सहायता उन परिवारों के लिए राहत का आधार बनी है, जो असमय मृत्यु या दिव्यांगता के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे थे।

श्रम विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य निर्माण क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों और उनके आश्रितों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। अयोध्या समेत इन जिलों में वितरित सहायता राशि श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली साबित हो रही है।

अमेठी में सर्वाधिक परिवारों को मिली सहायता

अमेठी जिले में सबसे अधिक 42 श्रमिक परिवारों को कुल 94.50 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। संकट की घड़ी में यह आर्थिक मदद उनके लिए सहारे का काम कर रही है। सुल्तानपुर में 69 लाभार्थियों को 23.25 लाख रुपये वितरित किए गए, जबकि बाराबंकी में 40 निर्माण कामगार परिवारों को 47.75 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। अंबेडकरनगर के 18 परिवारों को दिव्यांगता एवं असमय मृत्यु के मामलों में 38.50 लाख रुपये की राशि मिली। अयोध्या में भी 35 लाभार्थियों को 24.75 लाख रुपये की सहायता दी गई, जिससे श्रमिक परिवारों को राहत का आधार मिला। इन पांच जिलों में वितरित कुल राशि कई करोड़ रुपये से अधिक है, जो योजना की व्यापक पहुंच को दर्शाती है।

कामगारों को समय पर लाभ पहुंचाने पर दिया जा रहा जोर

योगी सरकार श्रमिकों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए लगातार ऐसी योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। निर्माण कामगारों को पंजीकृत कराने, उनका डाटाबेस तैयार करने तथा समय पर लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। श्रम विभाग के उपयुक्त श्रम अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पात्र परिवारों की पहचान कर शीघ्रता से राशि हस्तांतरित की जा रही है, ताकि वे आर्थिक कठिनाइयों से उबर सकें। यह पहल न केवल तत्काल राहत प्रदान करती है, बल्कि श्रमिक समुदाय में सरकार के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है। आगे भी ऐसे कल्याणकारी कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा, जिससे प्रदेश के हर जरूरतमंद श्रमिक परिवार तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

हादसे में मौत से दिव्यांगता तक, श्रमिकों को मिलेगी आर्थिक सहायता

पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके आश्रितों को राहत देने के लिए निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना के तहत अलग-अलग परिस्थितियों में आर्थिक सहायता का प्रावधान है। कार्यस्थल पर दुर्घटना में मृत्यु: आश्रितों को ₹9,393 प्रतिमाह पांच वर्ष तक तथा ₹25,000 एकमुश्त सहायता। सामान्य मृत्यु: आश्रितों को ₹8,736 प्रतिमाह दो वर्ष तक तथा ₹25,000 एकमुश्त राशि।कार्यस्थल पर अपंजीकृत श्रमिक की मृत्यु: आश्रितों को ₹1 लाख एकमुश्त सहायता। 100 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता: ₹9,172 प्रतिमाह चार वर्ष तक। 50 प्रतिशत से अधिक और 100 प्रतिशत से कम स्थायी दिव्यांगता: ₹8,172 प्रतिमाह तीन वर्ष तक।25 प्रतिशत से अधिक और 50 प्रतिशत तक स्थायी दिव्यांगता: 8,736 रुपये प्रतिमाह दो वर्ष तक। योजना का उद्देश्य: दुर्घटना, मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के परिवार को आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय