परमहंस महाविद्यालय प्रांगण में सजा रंगोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
-रंगों और उत्साह से सराबोर हुआ परमहंस महाविद्यालय, रंगोत्सव बना आकर्षण का केंद्र
अयोध्या, 08 मार्च (हि.स.)। रामनगरी अयोध्या के परमहंस महाविद्यालय के प्रांगण में रामाय ट्रस्ट और श्री परमहंस शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में रंगोत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन रविवार को किया गया। कार्यक्रम का आयोजन रामाय ट्रस्ट और महाविद्यालय की प्रबंधिका वंदना उपाध्याय की ओर से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
रंग-बिरंगे माहौल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आपसी मिलन के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई। इसके बाद महिलाओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। लोकगीत, नृत्य और रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम में शामिल सैकड़ों महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर प्रबंधिका वंदना उपाध्याय ने कार्यक्रम में आई सभी महिलाओं का स्वागत करते हुए उन्हें रंगोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिए, ताकि वे समाज और परिवार दोनों के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम महिलाओं को एक मंच प्रदान करते हैं, जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं और आपस में संवाद स्थापित कर सकती हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रथम महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि होली के बाद आयोजित होने वाले रंगोत्सव जैसे कार्यक्रम लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में त्योहार केवल आनंद का अवसर ही नहीं होते, बल्कि सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम भी होते हैं। रंगोत्सव लोगों को पुरानी बातों को भूलकर नए सिरे से रिश्तों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि होली के बाद मनाया जाने वाला रंगोत्सव सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामूहिक मिलन का प्रतीक बन जाता है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशियां मनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान रंग पंचमी की परंपरा, लोक संगीत, नृत्य और पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लिया गया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, उमंग और आपसी सहयोग का वातावरण बना रहा। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में आरटीओ रितु सिंह, अशोका द्विवेदी, रीना द्विवेदी, मनोरमा दुबे, डॉ नीलम सिंह, प्रभा वर्मा, उषा मिश्रा, डा मंजूषा पाण्डेय, सरस्वती पाठक, कविता सिंह, मीना पाण्डेय, उर्मिला मिश्रा, प्रज्ञा मिश्रा, सारिका गर्ग, स्मिता सहाय, वंदना सिंह, प्रतिभा द्विवेदी, पूर्णिमा तिवारी, मीनू अग्रवाल, श्वेता टंडन, मयूरी तिवारी, डा वंदना सिंह, कंचन जायसवाल, स्मृता तिवारी सहित बडी संख्या में महिलाओं भागीदारी किया।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय