महर्षि वाल्मीकि जयंती पर महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट परिसर में अर्पित किए गए श्रद्धासुमन

 


योगी सरकार में अयोध्या की विरासत को वैश्विक पहचान

रामायण के रचयिता को नमन, विमानपत्तन निदेशक धीरेन्द्र सिंह समेत एएआई, एयरलाइंस और सीआईएसएफ के अधिकारियों-कर्मचारियों ने किया माल्यार्पण

अयोध्या, 26 अक्टूबर (हि.स.)। अयोध्या अपनी समृद्ध धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक विकास की नई पहचान बना रहा है। रामनगरी में आस्था और परंपरा के संरक्षण के साथ आधुनिक सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। इसी क्रम में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा अयोध्या धाम परिसर में आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में उनके जीवन, साहित्यिक योगदान और आदर्शों का स्मरण किया गया।

एयरपोर्ट परिसर में महर्षि वाल्मीकि को नमन

कार्यक्रम में विमानपत्तन निदेशक धीरेन्द्र सिंह, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के विभिन्न विभागों के अध्यक्षों एवं कर्मचारियों, एयरलाइंस के प्रमुखों तथा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के सहायक कमांडेंट रोहित ढाका ने महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।इस अवसर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन, आदर्शों और साहित्यिक योगदान को याद किया। उनके संदेशों को सदाचार, ज्ञान, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा बताया गया।

रामायण के माध्यम से पीढ़ियों तक पहुंचा मर्यादा और नैतिकता का संदेश

महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि और रामायण के रचयिता के रूप में विशेष सम्मान प्राप्त है। रामायण भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों, कर्तव्यबोध और आदर्श आचरण का महत्वपूर्ण आधार है। भगवान श्रीराम के चरित्र के माध्यम से इसमें मर्यादा, सत्य, त्याग, करुणा और लोककल्याण का संदेश मिलता है।महर्षि वाल्मीकि की कालजयी रचना ने पीढ़ियों को भारतीय परंपरा और नैतिक आदर्शों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम साहित्य, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर बना।

विभिन्न विभागों की सहभागिता ने दिया सांस्कृतिक एकजुटता का संदेश

हवाईअड्डे पर आयोजित समारोह में विमानपत्तन प्रशासन, एयरलाइंस और सुरक्षा बल के प्रतिनिधियों ने एक साथ सहभागिता की। इसने कार्यस्थल पर सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और सामूहिक सहभागिता का संदेश दिया। महर्षि वाल्मीकि के आदर्श आज भी समाज में सद्भाव, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं।

डबल इंजन सरकार में अयोध्या के विकास को मिल रही नई गति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या में धार्मिक पर्यटन, यातायात संपर्क और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्रीराम मंदिर में दर्शन के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा अयोध्या धाम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।हवाई संपर्क का विस्तार रामनगरी तक पहुंच को आसान बनाने, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और अयोध्या की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ाता है।

सांस्कृतिक गौरव और आधुनिक सुविधाओं का संगम बनी रामनगरी

अयोध्या की विकास यात्रा में धार्मिक विरासत और आधुनिक आधारभूत ढांचे का समन्वय महत्वपूर्ण है। एक ओर महर्षि वाल्मीकि जैसे ऋषियों की परंपरा रामनगरी की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध करती है, तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा आधुनिक परिवहन सुविधाओं के माध्यम से इसे देश-दुनिया से जोड़ता है।महर्षि वाल्मीकि जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम ने रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और आधुनिक विकास के साथ उसके जुड़ाव को रेखांकित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय