राष्ट्रीय भावना से प्रेरित विद्यार्थियों की राजनीति में हो सक्रियता : सूर्य प्रताप शाही
- कारसेवकपुरम में अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी समारोह मनाया गया
-कांग्रेस नेता की प्रेरणा से शुरू हुआ था जन्मभूमि आन्दोलन :चम्पतराय
अयोध्या, 02 अक्टूबर (हि.स.)। अशोक सिंहल जन्म शताब्दी समारोह शुक्रवार को कारसेवकपुरम में विश्व हिन्दू परिषद अवध प्रांत द्वारा आयोजित किया गया। समारोह में वक्ताओं ने श्रद्धेय अशोक सिंहल के जीवन को याद कर उनकी कल्पनाओं को साकर करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि जब-जब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आन्दोलन में निराशा के बादल छाते थे उस क्षण सिंहल जी का प्रवेश होता था तो एक अलग उत्साह और उमंग के साथ हिंदू समाज आगे बढ़ कर लक्ष्य प्राप्त करता था। मेटलर्जी साइंस पढ़ने के बाद बचपन के एक सपने ने अशोक जी का पूरा जीवन बदल दिया और ईश्वर ने उन्हें जिस कार्य के लिए संसार में भेजा था, सब कुछ छोड़ कर वह उस काम में लग गए।
समारोह में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि छात्र जीवन से ही अशोक जी का मार्गदशन मिला। उनको संगठन की तरफ से जो भी दायित्व मिलता प्रचारक के रूप में पूर्ण करते। उस समय प्रदेश के सबसे अच्छे प्रचारकों में गिनती होती थी। मुझे उनके सानिध्य में लगभग 28 साल तक विद्यार्थी परिषद में मार्गदर्शन मिला। विद्यार्थी कैसे राष्ट्रीय राजनीति के भीतर राष्ट्रीय भावना से आगे बढ़ सके उनका सदैव चिंतन रहता था। राम मंदिर आंदोलन की बुनियाद में विद्यार्थी परिषद ने कितनी सशक्त भूमिका अदा की यह उनकी प्रेरणा से ही संभव हुआ। समाज को साथ जोड़कर सारे भेदभाव छोड़कर हिंदू समाज को संगठित करके और अपने सनातन परंपरा को मजबूत करने के विषय में ही चिंतन किया करते थे। मैंने देखा है अशोक जी संतों का सम्मान जमीन पर लेट कर और शास्त्रीय विधि से साष्टांग दंडवत कर उनका सम्मान करते थे। आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर उनके संकल्प के कारण की संभव हुआ। इसी तरह राष्ट्रीय विचारधारा की सरकार इस दिशा में आगे काम कर रही है। हमारी परंपरा रही कि हमने हथियारों से लोगों को नहीं जीता है। हमने अपने सिद्धांतों, अपने आचरण, अपने व्यवहार से सभी को जीता है। उसी व्यवहार को समाज में साकार करते हुए विकसित भारत के संकल्प को पूरा करें।
समारोह को संबोधित करते हुए विश्व हिन्दू परिषद ( विहिप) के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं श्री राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चम्पत राय ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन के प्रेरणा सूत्रधार एक राष्ट्रभक्त कांग्रेस नेता रहे। जिन्होंने आन्दोलन के लिए पार्टी और विधायक पद से त्यागपत्र तक दे दिया था।
चम्पत राय ने अशोक जी के जीवन को याद करते हुए कहा गुरु जी ने बीमार पिता के स्थान पर उन्होंने राष्ट्र और संघ कार्य को महत्व दिया। यह सुन कर माता ने चाकू से अपना अंगूठा चीर कर तिलक किया और राष्ट्र कार्य के लिए समर्पित कर दिया। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से मेटलर्जी साइंस पढ़ने के दौरान सपना देखा कि हेलमेट पहन कर मेटलर्जी की भट्ठी में ईंधन के स्थान पर भारतीय धर्म ग्रंथो को झोंक रह हूं। ईश्वर ने उनको जिस काम के लिए भेजा था उसकी प्रेरणा विद्यार्थी काल से ही हो गई थी। मठ मंदिर और सामाजिक समरसता उनके प्रमुख विषय बने। कानपुर में संघ प्रचारक रहने के दौरान सूचना मिली कि रेलगाड़ी से गाय भर कर जा रही हैं। वे साथियों के साथ गए और डिब्बों के ताले तोड़ कर गउओं को बाहर निकाल भाग गए। लगभग 32 साल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के काम करने के बाद विश्व हिन्दू परिषद में भेजे गए। इस दौरान जानकारी मिली कि तमिलनाडु के किसी गांव में पूरा हिंदू समाज इस्लाम में चला गया। सब को चिंता हुई। अशोक जी ने कहा कि हिंदू समाज में शक्ति प्रकट करना होगा। इंदिरा जी देश की प्रधानमंत्री थीं। रॉ के इंचार्ज रामनाथ राव थे, उनसे मिलने गए, इंडिया गेट पर सभा करने की अनुमति ली। विराट हिंदू समाज के नाम से शक्ति प्रदर्शन कर चुनौतियो को स्वीकारा और उसमें कश्मीर के महाराजा करण सिंह को बुलाया।
समारोह की अध्यक्षता कर करते हुए श्री राम मंदिर के धार्मिक समिति के सदस्य एवं श्री रामवल्लभाकुंज के अधिकारी संत राजकुमार दास महाराज ने अशोक सिंघल के साथ बिताए समय को याद करते हुए सभी को धन्यवाद दिया। विहिप क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र सिंह ने कहा कि 2 सितंबर 2026 से सितंबर 2027 तक पूर् वर्ष अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। हर प्रांत में संत सम्मेलन, गौ सेवा की दृष्टि से प्रत्येक जिले के एक ब्लॉक को गो कृषि आधारित ब्लॉक बनाना है। अशोक सिंघल जी ने वेद के प्रचार के लिए वेद विद्यालयों की स्थापना की, नए वेद विद्यालय स्थापित करना। अवध प्रांत में चार लाख लोगों को विश्व हिंदू परिषद से जोड़ने का अभियान है। महापौर गिरीशपित त्रिपाठी ने अशोक सिंघल के कार्यों को याद किया। इस अवसर पर उदासीन आश्रम महंत डाक्टर भरत दास, विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी पुरुषोत्तम नारायण सिंह, हरिशंकर, सुरेंन्द्र सिंह, धीरेश्वर वर्मा, अभिषेक, महानगर संघचालक डा. विक्रमाप्रसाद पाण्डेय,महानगर कार्यवाह देवेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सह प्रांत मंत्री विवेक सिंह ने किया। इसके पूर्व मोहन शास्त्री ने अवधी गीत प्रस्तुत किया और समारोह में विहिप के राजेंद्र सिंह पंकज व कारसेवक पुरम प्रभारी शिवदास ने अशोक सिंहल के साथ बिताए पलों का संस्मरण सुनाया।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय