ईको टूरिज्म के रूप में विकसित होगा वनस्पति उद्यान
-कुमारगंज में है वनस्पति उद्यान, 2.5 करोड़ आएगी लागत
-उद्यान में बनेगा मुख्य प्रवेश द्वार, हॉर्टिकल्चर, बटरफ्लाई गार्डन, कैफेटेरिया और टिकट काउंटर
-वॉक-वे, विश्राम स्थल और गजेबो हट से बढ़ेगी पर्यटकों की सुविधा
-योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ईको-टूरिज्म को मिल रहा बढ़ावा
अयोध्या, 11 अप्रैल (हि.स.)। अयोध्या में राम मंदिर की दिव्य आभा के साथ-साथ अब प्रकृति की हरियाली भी पर्यटकों को आकर्षित करने लगी है। शहर के कुमारगंज क्षेत्र में स्थित वनस्पति उद्यान को ईको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस परियोजना पर ढाई करोड़ रुपये की लागत आएगी, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल की गई है। यह विकास कार्य पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत कराया गया है। इसकी कार्यदाई संस्था सीएनडीएस है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी विशेष बढ़ावा दे रही है। अयोध्या को केवल रामनगरी के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरण अनुरागियों के लिए भी आकर्षक बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। वनस्पति उद्यान को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले पर्यटक प्रकृति का आनंद लेते हुए आरामदायक अनुभव प्राप्त कर सकें।
परियोजना के तहत उद्यान में मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाएगा, जो आगंतुकों का स्वागत करेगा। हॉर्टिकल्चर क्षेत्र को विकसित कर विभिन्न प्रकार के फूलों, पौधों और सजावटी वनस्पतियों का संग्रह बढ़ाया जाएगा। यह परियोजना अयोध्या में पर्यटन को नई दिशा देने वाली साबित होगी। राम मंदिर, सरयू नदी और अन्य धार्मिक स्थलों के साथ अब प्रकृति का यह खूबसूरत उद्यान भी पर्यटकों को लुभाएगा।
जानिए, क्या क्या होंगी सुविधाएं
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अयोध्या बृजपाल सिंह ने बताया कि बच्चों और प्रकृति प्रेमियों के लिए खास बटरफ्लाई गार्डन बनाया जाएगा, जहां रंग-बिरंगे तितलियां पर्यटकों को मोहित करेंगी। साथ ही कैफेटेरिया की व्यवस्था होगी, जहां पर्यटक तरोताजा पेय और हल्का भोजन ले सकेंगे। टिकट काउंटर भी स्थापित किया जाएगा ताकि प्रवेश व्यवस्था सुव्यवस्थित रहे। पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वॉक-वे बनाए जाएंगे, जिन पर चलते हुए वे उद्यान की हरियाली का आनंद ले सकेंगे। विभिन्न स्थानों पर विश्राम स्थल और गजेबो हट का निर्माण होगा, जहां बैठकर पर्यटक आराम कर सकेंगे और फोटोग्राफी का मजा ले सकेंगे। इन सुविधाओं से उद्यान न केवल देखने लायक बनेगा, बल्कि परिवारों, स्कूल के बच्चों, प्रकृति प्रेमियों और विदेशी पर्यटकों के लिए आकर्षक गंतव्य भी बनेगा।
सस्टेनेबल टूरिज्म के मॉडल के रूप में भी उभरेगी अयोध्या
ईको-टूरिज्म के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और अयोध्या की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। योगी सरकार की इस पहल से अयोध्या धीरे-धीरे धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनती जा रही है। वनस्पति उद्यान का विकास पूरा होने के बाद यहां साल भर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। यह परियोजना न केवल प्रकृति संरक्षण का प्रतीक बनेगी, बल्कि सस्टेनेबल टूरिज्म के मॉडल के रूप में भी उभरेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय