एनएच-27 पर लगेगी एटीएमएस, अब सफर होगा और अधिक सुरक्षित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को मिलेगी रफ्तार, एनएच-27 पर बढ़ेगी हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था
-अब हाईवे पर हर गतिविधि पर रहेगी नजर, जगह-जगह लगेंगे सीसीटीवी और एएनपीआर कैमरे
-एनएचएआई की बड़ी पहल, लखनऊ से गोरखपुर तक यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित सफर
अयोध्या, 16 मई (हि.स.)। डबल इंजन की सरकार के कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की सड़कें तेजी से बदल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को केन्द्र सरकार के पूर्ण समर्थन के साथ नई रफ्तार मिल रही है। इसी क्रम में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के लखनऊ-अयोध्या एवं अयोध्या-गोरखपुर खंड पर अत्याधुनिक एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) स्थापित करने का बड़ा फैसला लिया है। यह परियोजना हाईवे को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार का फोकस केवल विकास पर ही नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और सुविधा पर भी है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। ऐसे में लखनऊ से अयोध्या होते हुए गोरखपुर तक का यह मार्ग और अधिक व्यस्त हो गया है। एटीएमएस प्रणाली के माध्यम से अब इस पूरे कॉरिडोर पर 24×7 निगरानी रहेगी, जिससे दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा और यात्रियों को रियल टाइम जानकारी उपलब्ध होगी। एनएचएआई के अयोध्या परियोजना निदेशक अवनीत सिद्धार्थ ने बताया कि इस परियोजना के तहत हाईवे पर अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सीसीटीवी/पीटीजेड कैमरे, वेरिएबल मैसेज साइन (वीएमएस) बोर्ड, व्हीकल एक्ट्यूएटेड स्पीड डिटेक्शन सिस्टम, इमरजेंसी कॉल बॉक्स, मौसम निगरानी संयंत्र, इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (आईडीएस) और एएनपीआर कैमरे सहित कई आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। इनकी मदद से यातायात प्रबंधन, सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
वाइड्स और एनपीआर कैमरे जारी कर देंगे अलर्ट
पूरे कॉरिडोर पर कुल 238 सीसीटीवी/पीटीजेड कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे लगभग हर एक किलोमीटर की दूरी पर स्थापित किए जाएंगे। जंक्शन, इंटरचेंज और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों पर अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे। इसके अलावा हर 10 किलोमीटर पर वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (वाइड्स) और एएनपीआर कैमरे लगेंगे, जो ओवरस्पीडिंग, ट्रैफिक नियम उल्लंघन और दुर्घटनाओं का स्वतः पता लगाकर अलर्ट जारी करेंगे। यात्रियों को मौसम, दुर्घटना, ट्रैफिक डायवर्जन और सड़क स्थिति की रियल टाइम जानकारी देने के लिए 18 वेरिएबल मैसेज साइन (VMS) डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए 24 व्हीकल एक्ट्यूएटेड स्पीड डिटेक्शन सिस्टम स्थापित किए जाएंगे, जो रडार के जरिए गति दिखाकर चालकों को सावधान करेंगे। 122 इमरजेंसी। कम्युनिकेशन सिस्टम (इमरजेंसी कॉल बॉक्स) के जरिए यात्रियों को तत्काल मदद मिल सकेगी। पूरे हाईवे की निगरानी के लिए 02 एटीएमएस कंट्रोल सेंटर और 01 सब कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों से 24 घंटे ट्रैफिक संचालन और निगरानी की जाएगी।
दुर्घटनाओं में आएगी कमी, ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा
अयोध्या-गोरखपुर खंड में डायवर्जन स्थलों पर 52 ट्रैफिक इम्पैक्ट एटेन्यूएटर भी लगाए जाएंगे। अयोध्या को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल बनाने के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह स्मार्ट हाईवे बेहद उपयोगी साबित होगा।
एटीएमएस लागू होने के बाद दुर्घटनाओं में कमी आएगी, त्वरित प्रतिक्रिया संभव होगी और ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा। खासकर राम नवमी, दीपावली और अन्य त्योहारों के समय जब यातायात का दबाव बढ़ जाता है, तब यह प्रणाली बेहद कारगर साबित होगी। यह परियोजना न केवल लखनऊ-अयोध्या-गोरखपुर मार्ग को आधुनिक बनाएगी बल्कि पूरे प्रदेश के हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देगी।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय