अयोध्या में महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास बालयोगी का संतों ने किया स्वागत
नयाघाट आश्रम के लिए महंत सुनीलदास को बनाया प्रतिनिधि
अयोध्या, 15 जुलाई (हि.स.)। कायाकल्पी बर्फानी दादा के शिष्य एवं बर्फानी सिद्धयोग पीठ, अमरकंटक (मध्य प्रदेश) के पीठाधीश्वर, श्री श्री महंत महामंडलेश्वर योगाचार्य बालयोगी लक्ष्मणदास महाराज के अयोध्या आगमन पर संत समाज ने उनका आत्मीय स्वागत किया। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने सर्वप्रथम अयोध्या के राजा श्री हनुमानगढ़ी में विराजमान हनुमान जी महाराज के दर्शन-पूजन कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि की कामना की।हनुमानगढ़ी में दर्शन के उपरांत महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास बालयोगी ने अयोध्या के विभिन्न संत-महात्माओं से भेंट कर आध्यात्मिक विषयों एवं सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार पर चर्चा की।
संतों ने उन्हें अंगवस्त्र एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया तथा उनके धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों की सराहना की। इसके बाद वह अखिल भारतीय श्री पंच तेरह भाई त्यागी आश्रम, नया घाट खाक चौक पहुंचे, जहां उन्होंने महंत बृजमोहनदास महाराज से शिष्टाचार भेंट की। दोनों संतों के बीच आश्रम की धार्मिक गतिविधियों, संत परंपरा तथा संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस अवसर पर महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास बालयोगी ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि वह अपने गुरु लालबिहारी महाराज की परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वह मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के जिला अनूपपुर स्थित बर्फानी सिद्धयोग पीठ, अमरकंटक के प्रमुख महंत हैं तथा अयोध्या स्थित अखिल भारतीय श्री पंच तेरह भाई त्यागी, नया घाट खाक चौक आश्रम में भी महंत हूं। उन्होंने घोषणा की कि अयोध्या स्थित अखिल भारतीय श्री पंच तेरह भाई त्यागी आश्रम में अपने स्थान के नियमित संचालन, धार्मिक अनुष्ठानों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के लिए महंत सुनीलदास महाराज को अपना अधिकृत प्रतिनिधि महंत घोषित करता हूं। महंत सुनीलदास आश्रम की परंपराओं, धार्मिक कार्यक्रमों एवं संत समाज से जुड़े दायित्वों का निर्वहन उनकी ओर से करेंगे।महामंडलेश्वर लक्ष्मणदास बालयोगी ने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण, संत परंपरा की गरिमा तथा समाज में आध्यात्मिक चेतना का विस्तार ही उनका प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने संत समाज से एकजुट होकर धर्म, संस्कृति और सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उनके साथ दर्जनों अनुयाई भी रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय