दीक्षांत समारोह समाज निर्माण का संकल्प और प्रतिभा का सम्मान : कुलपति प्रो. बिजेंद्र सिंह

 


अवध विश्वविद्यालय में 31वें दीक्षांत समारोह का भव्य पूर्वाभ्यास, फुल रिहर्सल

अयोध्या, 10 अगस्त (हि.स.)।

डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में आगामी 12 अगस्त को आयोजित होने वाले 31वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को विवेकानंद सभागार (दीक्षांत मण्डप) में एक भव्य पूर्वाभ्यास (फुल रिहर्सल) का आयोजन किया गया। यह पूर्वाभ्यास कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता एवं गरिमामयी उपस्थिति में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

पूर्वाभ्यास का शुभारंभ बटुकों के वेद मंत्रोच्चार और स्वस्ति वाचन के साथ हुआ। तत्पश्चात 'वंदे मातरम्' तथा विश्वविद्यालय के कुलगीत की सुमधुर प्रस्तुति दी गई। इस दौरान डोगरा रेजीमेंट की बैंड टीम ने आकर्षक धुन के साथ दीक्षांत शोभायात्रा की अगवानी किया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन प्रो. नीलम पाठक द्वारा किया गया।

समारोह के पूर्ण अभ्यास के दौरान कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने प्रगति आख्या का प्रस्तुत किया। इसके उपरांत उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त करने जा रहे सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुरूप 'दीक्षोपदेश' का प्रशिक्षण दिया। अभ्यास के अंतर्गत छात्र-छात्राओं की उपाधियों को 'डिजिलॉकर' पर अपलोड करने की प्रक्रिया का भी सफलतापूर्वक पूर्वाभ्यास किया गया।

उल्लेखनीय है कि 12 अगस्त को आयोजित होने वाले मुख्य समारोह में मेधावियों को कुल 120 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। 31वें दीक्षांत समारोह में स्नातक परास्नातक की कुल 166055 उपाधियां डिजिलॉकर पर कुलाधिपति द्वारा अपलोड की जाएगी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि

दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम, समर्पण और विद्वता का उत्सव है। यह दिवस युवाओं को समाज और राष्ट्र निर्माण के प्रति उनके दायित्वों का स्मरण कराता है। हमारे मेधावी छात्र जब यहाँ से शिक्षा और 'दीक्षोपदेश' का संस्कार लेकर निकलेंगे, तो वे समाज में उत्कृष्टता और नैतिक मूल्यों के नए मानक स्थापित करेंगे।

पूर्वाभ्यास के दौरान विद्या परिषद एवं कार्य परिषद के सदस्यगण, कुलसचिव विनय कुमार सिंह, वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, विभागाध्यक्ष तथा विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक व अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस दौरान दीक्षांत शोभायात्रा के प्रवेश से लेकर मंच संचालन, उपाधि व पदक वितरण की प्रक्रियाओं तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम के समापन तक की सभी व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय