नशे के खिलाफ जागरूकता और आत्म-अनुशासन जरूरी : बीके राधा दीदी
लखनऊ, 21 अगस्त (हि.स.)। नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों से बचने के लिए युवाओं को जागरूक होने के साथ आत्म-अनुशासन अपनाना चाहिए। योग और ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहा जा सकता है। यह बातें शुक्रवार को स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (एसएमएस), लखनऊ में आयोजित नशामुक्त भारत अभियान के जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रम में बीके राधा दीदी ने कहीं।
स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (एसएमएस), लखनऊ ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से नशामुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता एवं शपथ कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रो. (डॉ.) भरत राज सिंह, महानिदेशक (तकनीकी), ने अतिथियों और विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
बीके राधा दीदी ने युवा पीढ़ी में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति और उससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को ध्यान का संक्षिप्त अभ्यास भी कराया। बीके राहुल भाईजी ने योग एवं साधना के जरिए सकारात्मक ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में लगाने की बात कही। उन्होंने नियमित योग, ध्यान और आत्म-अनुशासन को युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखने में उपयोगी बताया।
कार्यक्रम में बीके डॉ. एपी पाण्डेय और बीके मीनाक्षी ने विद्यार्थियों को नशामुक्त भारत की शपथ दिलाई। इस दौरान डॉ. धर्मेन्द्र सिंह, प्रो. मोहम्मद हुसैन, डॉ. आशा कुलश्रेष्ठा, सुनित मिश्रा, सुजाता सिन्हा, डॉ. शोभना सिंह समेत शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में 250 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की और नशामुक्त, स्वस्थ एवं सकारात्मक भारत के निर्माण का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप