गंदे नहीं, साफ रूके हुए पानी में पनपता है डेंगू फैलाने वाला एडीज़ मच्छर
लखनऊ, 01 अगस्त (हि.स.)। डेंगू फैलाने वाला एडीज़ मच्छर गंदे नहीं, बल्कि स्वच्छ रुके हुए पानी में पनपता है। वे इसलिए प्रत्येक सप्ताह अपने घरों एवं आसपास कूलर, गमलों, बाल्टियों, ओवरहेड टैंकों, पुराने टायरों तथा अन्य जल-संग्रहण स्थलों की नियमित जाँच कर जमा पानी को हटाएं। यह बातें किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. विमला वेंकटेश ने कही।
वह केजीएमूय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत शनिवार को संचारी रोगों से बचाव हमारी प्राथमिकता” विषय पर आयोजित जन-जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि उन्होंने कहा कि सप्ताह में केवल दस मिनट का निरीक्षण मच्छरों के प्रजनन को काफी हद तक रोक सकता है और पूरे परिवार को डेंगू जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रख सकता है।
कार्यक्रम में विभाग के एम.डी. रेज़िडेंट्स द्वारा संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण विषय पर पोस्टर प्रस्तुति दी गई। इसके उपरांत हाथों की सही स्वच्छता, ओआरएस (ORS) बनाने की विधि, मच्छरों के प्रजनन स्थलों की रोकथाम तथा मच्छररोधी उपायों के सही उपयोग का लाइव प्रदर्शन किया गया। साथ ही इंटरएक्टिव क्विज़, “मिथक बनाम तथ्य” सत्र तथा विशेषज्ञ परिचर्चा के माध्यम से संचारी रोगों से संबंधित भ्रांतियों का निराकरण किया गया तथा प्रतिभागियों को वैज्ञानिक तथ्यों से अवगत कराया गया।
समापन संबोधन में माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. शीतल वर्मा ने कहा कि मानसून के दौरान बुखार के पहले 24 घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि लगातार रहने वाले बुखार को नज़रअंदाज़ न करें तथा स्वयं दवा लेने से बचें। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने, अनावश्यक एंटीबायोटिक के प्रयोग से बचने तथा समय पर चिकित्सकीय जाँच कराने की सलाह दी।
कार्यक्रम में प्रो. आर. के. कल्याण, प्रो. प्रशांत गुप्ता, डॉ. पारुल जैन, डॉ. सुरुचि शुक्ला, डॉ. वसुधा केसरवानी सहित विभाग के संकाय सदस्य, रेज़िडेंट डॉक्टर, छात्र-छात्राएं, वैज्ञानिक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन