मुरादाबाद में आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का मंगल प्रवेश

 




-मोबाइल से पूरी तरह दूरी बनाना मानसिक शांति का प्रभावी उपाय : आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज

मुरादाबाद, 16 जुलाई (हि.स.)। पीतलनगरी मुरादाबाद गुरुवार को उस समय धर्ममय वातावरण से गूंज उठी, जब चर्याशिरोमणि आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ससंघ का भव्य एवं ऐतिहासिक मंगल प्रवेश हुआ। 25 दिगम्बर जैन संतों के विशाल संघ के साथ हुए इस अलौकिक प्रवेश ने नगर को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया। श्रद्धालुओं ने जयघोष, बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों तथा जैन धर्म ध्वजों के साथ आचार्य श्री का भावपूर्ण अभिनंदन किया। पूरे मार्ग में श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन का अनुपम संगम देखने को मिला। आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज ने कहा किया मोबाइल से पूरी तरह दूरी बनाना मानसिक शांति का प्रभावी उपाय है।

जैन धर्मशाला घास मंडी गंज के प्रांगण में आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री ने अपने प्रवचन में जीवन के गूढ़ सिद्धांतों का सरल एवं प्रेरक संदेश दिया। मन को शांत रखने हेतु मौन धारण उपाय बताए कि मौन का अर्थ मन को विचार शून्य करना है। मन को शांत करने लिए मोबाइल से दूर रहना है। मोबाइल का उपवास आज के समय में वाकई एक बहुत बड़ी चुनौती है। रोटी या भोजन छोड़ना फिर भी शारीरिक रूप से संभव है लेकिन मन और विचारों को शांत कर के दस दिन का मौन साधना या मोबाइल से पूरी तरह दूरी बनाना मानसिक शांति का प्रभावी उपाय है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समय के स्वरूप का निरंतर चिंतन करते हुए विनम्रता और संयम के साथ जीवन व्यतीत करना चाहिए।

इस अवसर पर दिगंबर जैन मंदिर लोहागढ़ में महाराजश्री के मुखारविंद से उच्चारित मंत्रों द्वारा शांतिधारा सम्पन्न हुई। शांति धारा का सौभाग्य नरेंद्र कुमार जैन लाजपतनगर परिवार को एवं महाराज श्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य दिगंबर जैन समाज मुरादाबाद के निवर्तमान अध्यक्ष अनिल जैन एवं शशि जैन परिवार को बोली द्वारा प्राप्त हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल