नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष का कारावास

 


- कोर्ट ने 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया

औरैया, 30 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दिबियापुर थाना क्षेत्र के लगभग साढे़ छह साल पुराने एक नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म करने के दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। कोर्ट ने दोषी पर 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।

मामले की अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पाॅक्सो मृदुल मिश्र ने शनिवार को बताया कि वादी ने दिबियापुर थाना में रिपोर्ट लिखाई थी। जिसमें बताया कि 15/16 वर्ष की पुत्री 10 अक्टूबर 2019 को सुबह आठ बजे अपने गांव से रामगढ़ स्थित स्कूल गई थी। जिसके बाद वह शाम तक वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। वादी के घर से पीड़िता की एक डायरी मिली, जिसमें एक मोबाइल नंबर मिला। जिससे पीड़िता की बात होने का अनुमान लगाया गया। इस रिपोर्ट पर मामला पंजीकृत हुआ। पुलिस ने विवेचना कर कानपुर देहात के बहेरी उमरी निवासी आकाश चौरसिया को गिरफ्तार कर नाबालिग लड़की को बरामद कर लिया। पुलिस ने नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म में चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। यह मुकदमा विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अधिनियम में चला और आज इसका निर्णय सुनाया गया।

इसके पूर्व विशेष लोक अभियोजक पाॅक्सो मृदुल मिश्र ने 16 वर्ष से कम की नाबालिग लड़की के अपहरण व उससे दुष्कर्म करने के दोषी को कठोर दंड देने की बहस की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने दोषी आकाश चौरसिया को न अलीग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म का दोषी करार दिया और उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया। उस पर 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। कोर्ट ने प्रस्तुत मामले में जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का भी आदेश दिया। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी आकाश चौरसिया को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार