औरैया: दस साल से कार्यालय से गायब अपर जिला बचत अधिकारी की सेवा समाप्त
कई बार नोटिस भेजने के बाद भी नहीं लौटीं नेहा सिंह, परिजनों ने 2016 से लापता होने की दी थी जानकारी
औरैया, 07 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में जिला बचत कार्यालय में तैनात अपर जिला बचत अधिकारी नेहा सिंह की करीब 10 वर्षों से बिना सूचना अनुपस्थिति के चलते शासकीय सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। राष्ट्रीय बचत निदेशालय, उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशों के क्रम में यह कार्रवाई वित्तीय हस्तपुस्तिका एवं उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली में निर्धारित प्रावधानों के तहत की गई है।
जिला बचत अधिकारी दिलीप कुमार के अनुसार लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश प्रयागराज की ओर से आयोजित सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा (सामान्य) परीक्षा-2013 में चयनित नेहा सिंह पुत्री स्व. बाबू सिंह, निवासी ग्राम एवं पोस्ट बेहटायजर्ग, कानपुर नगर को अपर जिला बचत अधिकारी के पद पर जिला बचत कार्यालय औरैया में तैनाती मिली थी। उन्होंने 26 अक्टूबर 2016 को पद पर योगदान किया, लेकिन अगले ही दिन 27 अक्टूबर से बिना किसी सूचना, आवेदन अथवा सक्षम अधिकारी की अनुमति के कार्यालय से अनुपस्थित हो गईं।
उनकी ड्यूटी पर वापसी और अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट करने के लिए विभाग की ओर से कई बार पंजीकृत डाक और स्पीड पोस्ट से पत्र भेजे गए। कार्यालय के सूचना पट पर भी नोटिस चस्पा किए गए। जिलाधिकारी औरैया की ओर से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, कानपुर नगर को पत्र भेजकर उनकी तलाश कराने का अनुरोध किया गया, लेकिन इसके बावजूद नेहा सिंह कार्यालय में उपस्थित नहीं हुईं और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया।
सहायक निदेशक बचत, औरैया ने 15 दिन के भीतर आवश्यक प्रमाणपत्रों के साथ ड्यूटी पर उपस्थित होने के लिए दैनिक समाचार पत्र राष्ट्रीय सहारा में 17 मई 2018 और लोकभारती में 24 जुलाई 2018 को अंतिम नोटिस भी प्रकाशित कराया था।
विभाग के अनुसार उनके परिजनों और ग्रामवासियों से संपर्क करने पर लिखित बयान में बताया गया कि नेहा सिंह 25 नवंबर 2016 से गांव से लापता हैं। जिला बचत अधिकारी ने 11 सितंबर 2026 को भी उनके संबंध में यथासंभव जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन कोई अद्यतन जानकारी नहीं मिल सकी।
लगातार पांच वर्ष से अधिक समय तक बिना पूर्व अनुमति और सूचना के अनुपस्थित रहना उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली-1956 के नियम-03 का उल्लंघन तथा वित्तीय हस्तपुस्तिका खंड-02 के मूल नियम-18 के तहत कदाचार की श्रेणी में आता है। इसी के चलते संबंधित नियमों के प्रावधानों के तहत उनकी शासकीय सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार