अशोक सिंहल के संकल्पों को नई गति देने के लिए वर्षभर चलेगा अभियान : डॉ. उमेश पालीवाल
कानपुर, 28 सितंबर (हि.स.)। अशोक सिंहल के सेवा, सामाजिक समरसता, हिंदू सशक्तिकरण और मंदिरों की मुक्ति से जुड़े संकल्पों को आगे बढ़ाने के लिए विश्व हिंदू परिषद वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेगी। यह बात विहिप कानपुर प्रांत के कार्याध्यक्ष डॉ. उमेश पालीवाल ने सोमवार को बीएनएसडी शिक्षा निकेतन, बेनाझाबर में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
उन्होंने कहा कि 27 सितंबर से अशोक सिंहल के जन्मशताब्दी वर्ष की शुरुआत के साथ उनके प्रेरणादायी जीवन, चिंतन और राष्ट्र व समाज के लिए किए गए योगदान को याद किया जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या की मुक्ति के संकल्प की पूर्णता के बाद काशी और मथुरा की मुक्ति के संकल्प को आगे बढ़ाना, अवैध धर्मांतरण पर रोक, घरवापसी को गति, मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने, वैदिक ज्ञान-विज्ञान के संवर्धन के साथ सेवा और सामाजिक समरसता के कार्यों को विस्तार देना जन्मशताब्दी वर्ष का प्रमुख उद्देश्य रहेगा।
विहिप के प्रांत मंत्री एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राजू पोरवाल ने बताया कि जन्मशताब्दी वर्ष में कानपुर प्रांत के प्रत्येक जिले, प्रखंड और खंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। एक वर्ष तक विचार गोष्ठियां, धर्मसभाएं, समरसता सम्मेलन, युवा संवाद और अशोक सिंहल के जीवन व कार्यों पर आधारित प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इसके अलावा वंचित बस्तियों में सेवा प्रकल्पों का विस्तार कर सामाजिक समरसता और एकात्मता को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अशोक सिंहल ने हिंदू समाज को संगठित, सशक्त और स्वाभिमानी बनाने के लिए जीवनभर काम किया। जन्मशताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के जरिए उनके विचारों और जीवन-दर्शन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा सनातन संस्कृति के प्रति गौरवबोध जागृत करने का प्रयास किया जाएगा।
राजू पोरवाल ने बताया कि 30 सितंबर को बीएनएसडी शिक्षा निकेतन, बेनाझाबर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती मुख्य अतिथि के रूप में आशीर्वचन देंगे। विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय मुख्य वक्ता होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकुमार लोहिया करेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप