लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ एएसएपी ने शिक्षा निदेशालय पर मांगी भिक्षा

 


छात्रों को भीख मांगने पर मजबूर करने वाली नीति पर तुरंत रोक लगाए सरकार: अनित रावत

लखनऊ, 05 मई (हि.स.)। आम आदमी पार्टी (आआपा)उत्तर प्रदेश की छात्र विंग (एएसएपी) ने मंगलवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ अनोखा विरोध करते हुए शिक्षा निदेशालय पर भिक्षा मांगी। इस दौरान भीख मांगकर जुटाए गए 420 रुपये का डीडी विश्वविद्यालय के कुलपति को भेजा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान छात्र नेताओं ने प्रदेश सरकार पर छात्रों के आर्थिक शोषण का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे एएसएपी के प्रदेश महासचिव अनित रावत ने योगी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा की गई फीस वृद्धि ने यह साबित कर दिया है कि सरकार छात्रों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति से पूरी तरह बेखबर है।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के फीस बढ़ोतरी के फैसले में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है और छात्रों से बिना संवाद किए मनमाने तरीके से निर्णय थोपे जा रहे हैं। उन्होंने

मांग की कि फीस निर्धारण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए। छात्र प्रतिनिधियों को इसमें शामिल किया जाए और किसी भी प्रकार की वृद्धि से पहले उनकी सहमति सुनिश्चित की जाए।

अनित रावत ने कहा कि जिस प्रदेश में छात्रों को अपनी पढ़ाई बचाने के लिए भीख मांगकर विरोध करना पड़े, वहां की सरकार की नीतियां पूरी तरह असफल हैं। उन्होंने कहा कि यह 420 रुपये का डीडी केवल एक प्रतीक है, जो सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को यह संदेश देता है कि उनकी नीतियां छात्रों को अपमानित करने पर मजबूर कर रही हैं।

कार्यक्रम के अंत में आम आदमी पार्टी छात्र विंग ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि यदि लखनऊ विश्वविद्यालय में बढ़ाई गई फीस को वापस नहीं लिया गया। छात्रों को राहत नहीं दी गई तो यह आंदोलन और तेज होगा तथा प्रदेश स्तर पर व्यापक विरोध किया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष अंशुल यादव, पवन वर्मा, नीरज गुप्ता, शाहिद सहित तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा