आर्थिक अभाव के कारण कोई भी बंदी न्याय से वंचित न रहे : तपस्या त्रिपाठी

 


मुरादाबाद, 24 फरवरी(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुरादाबाद की सचिव तपस्या त्रिपाठी ने मंगलवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आर्थिक अभाव या किसी अन्य कारण से कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित नहीं रहना चाहिए। यदि किसी बंदी के पास पैरवी के लिए निजी अधिवक्ता नहीं है, तो उसे प्राधिकरण की ओर से तत्काल निःशुल्क लीगल डिफेंस काउंसिल उपलब्ध कराया जाएगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुरादाबाद की सचिव ने निरीक्षण के दौरान ने जेल परिसर का भ्रमण कर बैरकों की साफ-सफाई, प्रकाश व हवा की व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने जेल की रसोई (भोजनालय) में बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता परखी और जेल अस्पताल का निरीक्षण कर बीमार बंदियों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने जेल में स्थापित लीगल एड क्लीनिक के रजिस्टरों का भी अवलोकन किया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बंदियों के प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध निस्तारण हो रहा है। इस अवसर पर उन्होंने पुरुष बंदियों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याएं सुनीं।

प्राधिकरण की सचिव ने जेल अधीक्षक को कड़े निर्देश दिए कि बदलते मौसम को देखते हुए बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण और बीमारियों से बचाव के समुचित प्रबंध किए जाएं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि जेल एक सुधार गृह है, अतः बंदियों के साथ मानवीय व्यवहार हो और उनके अधिकारों का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त, सचिव ने जिला कारागार में निरूद्ध किशोर बंदियों (18 से 21 वर्ष) के स्कूल में दाखिला कराने के संबंध में जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल