कला, साहित्य और संगीत की प्रस्तुतियों से सजा ‘कला द्वीप महोत्सव’, शौर्य और संस्कृति का हुआ संगम

 








अगले वर्ष दूसरे शहर में नए अध्याय के साथ महोत्सव आयोजित करने की घोषणा

गोरखपुर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। कला, साहित्य, संगीत और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के विविध रंगों से सजा ‘कला द्वीप महोत्सव–शौर्य पर्व अध्याय दो 2026’ शनिवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन प्रेक्षागृह में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कला द्वीप फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस महोत्सव में चौरी-चौरा के अमर शहीदों की स्मृति, महान क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल की पुण्यतिथि तथा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रभक्ति, साहित्यिक चेतना और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। देश के विभिन्न शहरों से आए कवियों, साहित्यकारों और कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महोत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, साहित्य और कला की समृद्ध परंपरा को प्रोत्साहित करने के साथ ही देश के महान क्रांतिकारियों और राष्ट्रनिर्माताओं के योगदान को स्मरण करना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, साहित्यकारों, कलाकारों और युवाओं की सहभागिता ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

साहित्यकारों को मिला विशिष्ट सम्मान

महोत्सव के दौरान साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पंडित यमुना प्रसाद उपाध्याय को ‘पंडित रामदरश मिश्र साहित्य सम्मान’ तथा सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ को ‘कला द्वीप साहित्य सम्मान’ प्रदान किया गया। सम्मान समारोह के माध्यम से साहित्यिक सृजन, रचनात्मक अभिव्यक्ति और हिंदी साहित्य के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों के योगदान को रेखांकित किया गया।

कवियों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

महोत्सव का काव्य सत्र साहित्यिक उत्साह और काव्य रस से सराबोर रहा। अयोध्या की अर्चना द्विवेदी, गोरखपुर की ओज कवयित्री डॉ. चेतना पांडेय, फैज खलीलाबादी, लखनऊ के धीरज मिश्रा शांडिल्य तथा झांसी के पंकज अभिराज सहित विभिन्न शहरों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया।

कवियों की प्रस्तुतियों में साहित्यिक संवेदना, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रप्रेम की अभिव्यक्ति देखने को मिली। विविध विषयों पर आधारित काव्य पाठ ने श्रोताओं को भावविभोर किया। काव्य सत्र का संचालन बस्ती के मनीष भट्ट शर्मा ने किया।

शास्त्रीय संगीत और लोककला ने मोहा मन

महोत्सव की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। आकाशवाणी एवं दूरदर्शन, नई दिल्ली के उपनिदेशक डॉ. संतोष नाहर ने वायलिन, पंडित रामदास तालमणि ने पखावज और डॉ. राजकुमार नाहर ने तबले के माध्यम से इंस्ट्रूमेंटल फ्यूजन की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। विभिन्न वाद्ययंत्रों के सुरों के समन्वय ने प्रेक्षागृह में उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

वहीं, मुजफ्फरपुर के लोक कलाकार बाबू देवेंद्र तथा संदीप एवं पवन पंछी की टीम ने फरुहाई लोकनृत्य और लोकगायन के माध्यम से भारतीय लोकसंस्कृति की समृद्ध परंपरा को जीवंत किया। पारंपरिक लोकधुनों और नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति ने दर्शकों को लोककला की विविधता से परिचित कराया। शास्त्रीय संगीत से लेकर लोकनृत्य तक की प्रस्तुतियों ने महोत्सव को बहुआयामी सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया।

अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु कुमार उपाध्याय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में शत्रुघ्न ठाकुर, समाजसेवी राकेश त्रिपाठी, अतुल श्रीवास्तव, रतन सेन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य संतोष सिंह तथा पंचायती राज विभाग के उपनिदेशक हिमांशु शेखर ठाकुर शामिल रहे। इसके साथ ही आरजे अनुराग और आरजे दीप्ति की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कला, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया। महोत्सव ने रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विधाओं से जुड़े लोगों को एक साथ लाने का अवसर प्रदान किया।

आयोजन की सफलता में टीम का रहा महत्वपूर्ण योगदान

महोत्सव के सफल आयोजन और उसके विस्तार में कार्यक्रम अध्यक्ष प्रखर पुंज, ओमकार सिंह श्रीनेत, संदीप सिंह श्रीनेत तथा युवा अधिवक्ता अंकित मिश्रा ‘राष्ट्रवादी’ की प्रमुख भूमिका रही। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रणव सिंह के नेतृत्व में स्काउट एंड गाइड की टीम ने आयोजन के प्रबंधन और क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। राष्ट्रीय सचिव रूबी सिंह सहित कला द्वीप फाउंडेशन की पूरी टीम कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय रही।

आयोजन में मीडिया प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। फाउंडेशन की ओर से गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के महामंत्री पंकज श्रीवास्तव सहित सभी सहयोगियों और मीडिया कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

अगले वर्ष नए शहर में होगा महोत्सव का आयोजन

कार्यक्रम अध्यक्ष प्रखर पुंज और संदीप सिंह श्रीनेत ने संयुक्त रूप से महोत्सव को प्रतिवर्ष आयोजित करने तथा भविष्य में इसे देश के अलग-अलग शहरों तक विस्तारित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कला, साहित्य और संगीत की प्रतिभाओं को मंच देने के साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना इस आयोजन की मूल भावना है।

उन्होंने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि अगले वर्ष किसी नए शहर में नए अध्याय के साथ इस सांस्कृतिक यात्रा को आगे बढ़ाया जाएगा। कला द्वीप फाउंडेशन ने सभी अतिथियों, कलाकारों, कवियों, साहित्यकारों, सहयोगियों और मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार जताते हुए अगले वर्ष फिर मिलने की उम्मीद के साथ महोत्सव का समापन किया।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय