कला रचनात्मकता का सशक्त माध्यम, ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को देते हैं नई दिशा : प्रो. मिठाई लाल
कानपुर, 23 मार्च (हि.स.)। कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने की शक्ति भी रखती है। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को सीखने, समझने और अपनी प्रतिभा को निखारने का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं। यह बातें सोमवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के निदेशक डॉ. मिठाई लाल ने कहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स एवं नमस्ते इंडिया अंतर्राष्ट्रीय कलाकार संघ, महाराष्ट्र के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय चित्रकला कार्यशाला एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ सोमवार को किया गया। यह आयोजन 23 मार्च 2026 से शुरू होकर तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें कला के विभिन्न आयामों पर चर्चा और प्रस्तुति की जाएगी।
कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की प्रेरणा और प्रतिकुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों की इंटर्नशिप के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स और नमस्ते इंडिया अंतर्राष्ट्रीय कलाकार संघ के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) हस्ताक्षर का प्रस्ताव भी रखा गया।
कार्यक्रम में मुख्य कलाकार के रूप में केरल की स्वतंत्र कलाकार मिनी सुबोध तथा विशिष्ट कलाकार इंद्रा चंद्रशेखर, वैशाली मोरे और स्मिता भामरे उपस्थित रहीं। कलाकारों ने कला के वर्तमान परिदृश्य, संभावनाओं और चुनौतियों पर विस्तार से विचार साझा किए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. मिठाई लाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि ऐसे आयोजनों से संस्थान की प्रतिष्ठा बढ़ती है। आयोजन संयोजक सुधीर एस सोलंकी ने बताया कि उनकी समिति विभिन्न संस्थानों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।
इस अवसर पर संस्थान के संकाय सदस्य प्रो. शुभम शिवा, सहायक प्रोफेसर जे.बी. यादव, डॉ. राज कुमार सिंह, तनीषा वंधावन, डॉ. बप्पा माजी, विनय सिंह, डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. मंतोष यादव, कीर्ति वर्मा सहित अन्य शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप